Covid-19: इस देश में कोरोना के ढाई लाख से ज्यादा केस, भारत वाला वैरिएंट यहां भी एक्टिव; WHO ने किया सावधान
दुनिया के कई देशों में कोरोना के मामले बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। भारतीय आबादी में भी संक्रमण का प्रसार काफी तेज है, जिसके कारण 3 जून (मंगलवार) को देश में कुल एक्टिव मामले 4000 का आंकड़ा पार गए हैं। थाईलैंड में इस साल अब तक ढाई लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।
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विस्तार
कुछ महीनों पहले तक अगर आपको भी लग रहा था कि कोरोनावायरस अब चला गया है, तो इन दिनों सामने आ रही रिपोर्ट्स ने ये भ्रम तोड़ दिया होगा। पहले से ही स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते रहे हैं कि कोरोनावायरस लगातार हमारे बीच बना हुआ है और समय-समय पर म्यूटेशन के साथ इसका खतरा बढ़ जाता है। इस बार भी ऐसा ही कुछ हो रहा है।
दुनिया के कई देशों में कोरोना के मामले बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। भारतीय आबादी में भी संक्रमण का प्रसार काफी तेज है, जिसके कारण 3 जून (मंगलवार) को देश में कुल एक्टिव मामले 4000 का आंकड़ा पार गए हैं। इस साल अब तक संक्रमण के कारण 37 लोगों की मौत भी हुई है।
वैश्विक स्तर पर आंकड़ों पर नजर डालें तो थाईलैंड में कोरोना का भयंकर प्रकोप देखा जा रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक थाईलैंड में इस साल अब तक ढाई लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। ये आंकड़े इसलिए ज्यादा डराने वाले हैं क्योंकि थाइलैंड में भी भारत वाला वैरिएंट (NB.1.8.1) ही सक्रिय है।
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थाइलैंड में संक्रमण बढ़ा, NB.1.8.1 वैरिएंट का ही खतरा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक थाईलैंड में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट NB.1.8.1 के कारण बढ़ते मामलों की लेकर चेतावनी दी गई है। लोगों से सतर्क रहने और बचाव के उपायों का पालन करने की सलाह दी गई है। 30 मई तक के आंकड़ों में 41,283 नए मामले सामने आए, जिससे इस साल अब तक यहां कुल 2.57 लाख केस हो गए। यहां कुल मौतों की संख्या 52 हो गई है।
खबरों के मुताबिक बैंकॉक के मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में सबसे अधिक मामले देखे गए हैं, यहां कामकाजी उम्र के वयस्कों, छात्रों, बच्चों और बुजुर्ग आबादी में संक्रमण की दर सबसे अधिक है। 31 मई को जारी एक बयान में स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से स्थिति पर बारीकी से नजर रखने और संक्रमण से बचाव का आग्रह किया, खासकर तब जब ये वैरिएंट विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से फैल रहा है।
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डब्ल्यूएचओ ने किया सावधान
इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी चेतावनी दी है कि स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। दक्षिण पूर्व एशिया और पूर्वी भूमध्य सागर वाले हिस्सों में वायरस में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।
डब्ल्यूएचओ ने कहा, फरवरी के मध्य से कोरोनावायरस का प्रसार बढ़ा है, इसकी पॉजिटिविटी रेट अब 11% तक पहुंच गई है, जो जुलाई 2024 के बाद से सबसे अधिक है। 73 देशों में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है।
अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका में संक्रमण की दर अपेक्षाकृत कम है। हालांकि अन्य देशों में संक्रमण की स्थिति को देखते हुए यहां भी अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
अमेरिका में मौत के मामलों ने डराया
अमेरिका में संक्रमण की दर एशियाई देशों की तुलना में तो कम है पर कुछ स्थानों से मौत के मामलों में तेजी से वृद्धि की खबरों ने लोगों को डरा दिया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां न सिर्फ संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं बल्कि हर सप्ताह 300 से ज्यादा लोगों की मौतें भी हो रही हैं।
खास बात ये है कि अमेरिका में भी वही वायरस एक्टिव है जो भारत में संक्रमण बढ़ा रहा है। वैक्सीनोलॉजिस्ट और एट्रिया रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. ग्रेगरी पोलैंड ने कोविड से संबंधित मौतों की संख्या में वृद्धि के प्रमुख कारण के रूप में वैक्सीनेशन न कराने, या फिर अपडेटेड वैक्सीन न लेने को प्रमुख माना है।
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भारत में कैसे हैं हालात
थाईलैंड-अमेरिका की ही तरह भारत में भी ओमिक्रॉन वैरिएंट NB.1.8.1 सक्रिय है, यहां संक्रमण की रफ्तार पिछले 10 दिनों में 10 गुना से अधिक हो गई है।
22 मई को देश में कुल एक्टिव केस 257 थे जो 13 दिन में ही बढ़कर 3 जून को 4026 हो गए हैं। केरल में सबसे ज्यादा 1416 मामले हैं, महाराष्ट्र में 494 और गुजरात में 397 लोग कोरोना का शिकार हुए।
हालांकि अच्छी बात ये है कि यहां कोरोना से रिकवरी रेट अभी अच्छी है। 1 जनवरी से अब तक करीब 2700 लोग संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं, वहीं पिछले 24 घंटे में ही 512 लोग संक्रमण से ठीक हुए हैं।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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