ब्लड ग्रुप के मुताबिक खाइए खाना, ताउम्र रहेंगे जवां और फिट
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कई बार आप कुछ न खाएं फिर भी मोटे हो जाते हैं और कोई जमकर खाए और पतला दुबला रहता है। ऐसा क्यों होता है हम समझ नहीं पाते क्योंकि हमें यह नहीं पता होता।
आइये हम आपको बताते हैं कि आप फिट कैसे रह सकते हैं वो भी आपके ब्लडग्रुप के अनुसार।
ब्लड ग्रुप ए
इस ब्लड ग्रुप के लोगों को कार्बोहाइड्रेट की ज्यादा जरुरत पड़ती है। इसके लिए उन्हें सोया प्रोटीन, हरी सब्जियाँ और फल जैसे सेब, खजूर खाने चाहिए। पपीता, आम, संतरे जैसे फल नहीं खाने चाहिए क्योंकि वे सीधे तौर पर पाचनतंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं।
साथ ही दूध और दूध से बने उत्पाद भी नहीं खाने चाहिए क्योंकि यह उनके शरीर के इंसुलिन की मात्रा को गड़बड़ कर सकते हैं। इससे उन्हें डायबिटीज और कैंसर का भी खतरा हो सकता है।
एबी ग्रुप वालों को मीट शरीर में कैंसर पैदा कर सकता
ब्लड ग्रुप बी
ब्लड ग्रुप ए और ओ की तुलना में ब्लड ग्रुप बी ज्यादा लचीला होता है। इस ग्रुप के लोग शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के भोजन खा सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें खाने को संतुलित रखना बहुत जरूरी है। ऐसा माना जाता है कि ऐसे ब्लड ग्रुप वाले दूसरे ब्लड ग्रुप वालों से शारीरिक और मानसिक रूप से ज्यादा मजबूत होते हैं। लेकिन उनमें सिंड्रोम एक्स नाम की बीमारी होने की ज्यादा संभावना होती है।
इनको चिकन, गेंहू, मक्का, मसूर दाल, टमाटर, मूँगफली, तिल नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे उनकी मेटाबॉलिज्म बिगड़ सकती है जिससे उन्हें थकावट, शरीर में पानी की कमी और हाइपोग्लाइसिमिया यानि खून में शुगर की मात्रा में कमी की शिकायत हो सकती है।
इस ग्रुप वाले लोगों को अधिक से अधिक मात्रा में रेड मीट, हरी सब्जियाँ, अंडे और कम वसा वाली दूध से बनी चीजें खानी चाहिए।
ब्लड ग्रुप ए बी
इस ब्लडग्रुप को सबसे दुर्लभ ब्लडग्रुप माना जाता है। इस ब्लडग्रुप के लोग अगर मांस खाते हैं तो वह उनके शरीर में वसा के रूप में इकट्ठा होने लगता है। यहां तक की दही वाला मीट उनके शरीर में कैंसर तक पैदा कर सकता है।
इस ग्रुप वाले लोगों का पाचनतंत्र बहुत ही संवेदनशील होता है इसलिए उन्हें थोड़े-थोड़े अंतराल पर खाना खाना चाहिए। इनके लिए प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत सी फूड यानि समुद्री जीवों से बना खाना होता है।
उन्हें खाने में प्रोटीन और स्टार्च एक साथ नहीं लेना चाहिए क्योंकि इससे उन्हें अपच की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा उन्हें अंडे, टोफू, हरी सब्जियाँ, कृत्रिम दूध से बनी चीजें जैसे योगर्ट और केफिर खाना चाहिए। वे कम मात्रा में रेड मीट भी खा सकते हैं।
मांस से शरीर को मिला कोलेस्ट्रॉल उनके पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है
इस ब्लडग्रुप वाले लोगों के शरीर में एसिड यानि अम्ल की अधिक मात्रा होती है जिससे वो आसानी से प्रोटीन और वसा को पचा सकते हैं।
मांस से शरीर को मिला कोलेस्ट्रॉल उनके पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है और शरीर में कैल्शियम की मात्रा को संतुलित करता है। बंदगोभी, फूलगोभी और राजमा उनके शरीर में थाइरॉइड हार्मोन को प्रभावित कर सकते हैं।
इन्हें कैफीन और शराब का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए। ये मीट खास तौर पर सी फूड का सेवन कर सकते हैं। उन्हें आयोडीन की अधिक मात्रा की जरूरत होती है इसलिए उन्हें आयोडीन युक्त नमक का सेवन करना चाहिए।