Corona News: 24 घंटे में ही सामने आए 685 नए मामले, 4 की मौत; बढ़ते खतरे के बीच जरूर जानिए डॉक्टर की ये सलाह
Corona News In India: कोरोना के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को संक्रमण से बचाव करते रहने की सलाह दी है। भले ही आप युवा हैं और इम्युनिटी सिस्टम ठीक है फिर भी कोरोना से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। आखिर ये क्यों जरूरी है, आइए इसे समझते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Corona News In India: पिछले एक महीने से दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले चिंता बढ़ाते जा रहे हैं। भारत में भी इसका जोखिम देखा जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड डैशबोर्ड पर साझा की गई जानकारियों के मुताबिक 22 मई को देश में कुल एक्टिव केस 257 थे जो 10 दिनों के भीतर ही अब बढ़कर 3395 हो गए हैं। एक दिन के भीतर ही 685 नए सक्रिय मामले सामने आए हैं और 4 लोगों की मौत हुई है।
केरल में मरीजों की संख्या बढ़कर 1336 हो गई है। महाराष्ट्र में सक्रिय मामले 467 जबकि दिल्ली में 375 हैं।
कोरोना जिस रफ्तार से देश में बढ़ रहा है वह निश्चित ही लोगों के लिए डर पैदा कर रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ पहले से ही कहते रहे हैं कि इस बार फैल रहा वैरिएंट अति संक्रामक है, हालांकि इसकी गंभीरता कम है। चिंताजनक बात ये है कि अगर ये संक्रमण किसी आबादी में फैलना शुरू होता है तो वहां लोग तेजी से इसकी चपेट में आ सकते हैं। ये स्थिति उन लोगों के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली और गंभीर भी हो सकती है जो 65 साल से अधिक उम्र के हैं, कोमोरबिडिटी (एक से अधिक क्रॉनिक बीमारियों का शिकार) हैं या फिर गर्भवती हैं।
(ये भी पढ़िए- महीनों से शांत कोरोना अचानक कैसे बढ़ने लगा? जीन वैज्ञानिक ने सरल भाषा में समझाया इसका पूरा गुणा-गणित)
कोरोना से मौत के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
कोरोना के मामले इस बार जानलेवा भी साबित हो रहे हैं। हालांकि आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि संक्रमण से मरने वाले ज्यादातर लोग वे हैं जिन्हें पहले से कोई क्रॉनिक बीमारी रही है या फिर जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रही है।
जिन राज्यों में मौतें दर्ज की गईं, उनमें महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा दो लोगों की जान गई है। एक मामला 67 वर्षीय व्यक्ति के मौत का है जिसे पहले से एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम की शिकायत थी, इसके अलावा वह निमोनिया और मधुमेह से भी पीड़ित था। वहीं एक और मौत 21 वर्षीय पुरुष की हुई जो डायबिटिक कीटोएसिडोसिस का शिकार था जिसे बाद में श्वसन पथ में संक्रमण भी हो गया था।
(कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन सबसे प्रभावी तरीका, पर अध्ययन की इस रिपोर्ट ने बढ़ा दिया डर)
कोरोना के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को संक्रमण से बचाव करते रहने की सलाह दी है। भले ही आप युवा हैं और इम्युनिटी सिस्टम ठीक है फिर भी कोरोना से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। आखिर ये क्यों जरूरी है, आइए इसे समझते हैं।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में पुणे स्थित एक अस्पताल में क्रिटिकल केयर के डॉक्टर उपेंद्र सिंह कहते हैं, देश में फैल रहे ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स में कुछ अतिरिक्त म्यूटेशन देखे गए हैं, जो इसे शरीर में बनी प्रतिरक्षा को चकमा देकर आसानी से संक्रमित करने के योग्य बनाते हैं।
जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है उनमें इस संक्रमण का असर नहीं हो रहा है, पर चिंताजनक बात ये है कि संक्रमित व्यक्ति वायरस का वाहक जरूर हो सकता है, जिससे उन लोगों मे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है जो पहले से बीमार हैं या बुजुर्ग हैं। ऐसे लोगों में गंभीर रोग विकसित हो सकता है। इसलिए जरूरी कि सभी लोग संक्रमण से बचने के उपाय करते रहें।
आप जाने-अनजाने ऐसे लोगों में वायरस पहुंचा सकते हैं जिनमें गंभीर रोग विकसित होने का जोखिम अधिक रहता है।
वायरस में म्यूटेशन के कारण संक्रमण बढ़ने का खतरा
डॉक्टर सिंह कहते हैं, संक्रमण होस्ट और पैथोजन के तौर पर बढ़ते हैं, कोरोनावायरस पैथोजन है और हम होस्ट। वायरस हमारी इम्युनिटी के खिलाफ कुछ ऐसे म्यूटेशन करता है जिससे कि ये होस्ट की इम्युनिटी को चकमा देकर उसे संक्रमित कर पाएं और खुद बढ़ सकें। किसी भी वायरस में म्यूटेशन होते रहना सामान्य प्रक्रिया है, इस दौरान कुछ ऐसे म्यूटेशन भी हो सकते हैं जो हमारी इम्युनिटी के एक लेवल को फेल कर दें।
क्या सावधानियां बरतनी जरूरी?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, चूंकि कोरोना कई राज्यों में बढ़ रहा है और इसका खतरा भीड़भाड़ वाली जगहों में ज्यादा होता है इसलिए ऐसे स्थानों पर जानें से बचें।
- मास्क लगाना, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
- अगर आपके घर में कोई बुजुर्ग या गर्भवती है तो अतिरिक्त सावधानी बरतें। उनसे मिलने से पहले हाइजीन का विशेष ध्यान रखें, विशेषतौर पर कहीं बाहर से आने के बाद।
- कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर, कोरोना को हराने के लिए सबसे प्रभावी तरीका है।
- 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए बूस्टर डोज के लिए अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
------------
नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।