कोरोना संकट के बीच त्रिपुरावासियों पर ओलावृष्टि की मार, पांच हजार घरों को नुकसान
- प्रभावित इलाकों के सघन दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब
- राज्य के सिपाहीजला और खोवाई जिले में ओलावृष्टि, और मूसलाधार बारिश से प्रभावित
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त्रिपुरा में बुधवार को जमकर ओलावृष्टि हुई। तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश ने राज्य में जमकर कहर बरपाया। वहीं प्राकृतिक आपदा से 5000 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। राज्य के मुख्यमंत्री ने गुरुवार को प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
कोरोना के चलते लॉकडाउन की मार से जूझ रहे त्रिपुरावासियों पर बुधवार बेहद भारी पड़ा। पूरे राज्य में ओलावृष्टि और भारी बारिश से घरों के साथ पेड़-पौधों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन निचले स्तर पर नुकसान के वास्तिवक आंकलन में जुटा है। साथ ही कई इलाकों में तत्काल राहत के लिए जनता को चेक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने बुधवार रात को ही सूबे के मुख्य सचिव मनोज कुमार को प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य तेज गति से करने के निर्देश दे दिए थे। वहीं मुख्यमंत्री प्रभावित जिलों के डीएम से भी सीधे बातचीत कर हालात की जानकारी ली।
राज्य के सिपाहीजला और खोवाई जिले में ओलावृष्टि, आंधी और मूसलाधार बारिश से ज्यादा नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन के अनुसार सिपाहीजला जिला में विभिन्न स्थानों पर 17 राहत कैंप बनाए गए हैं। जिनमें 4200 लोगों को रखा गया है।
Visited storm affected areas under Baidyar Dighi, Sepahijala District today along with officials.
Checked the ground realities & interacted with local people.
Extended immediate financial assistance.
Our Govt stands with the people affected by the storm. pic.twitter.com/hhMVPELRLn— Biplab Kumar Deb (@BjpBiplab) April 23, 2020
प्रशासन की ओर से इन केंद्रों में स्वास्थ्य व अन्य मूलभूत सुविधाओं के साथ लोगों को निःशुल्क भोजन प्रदान किया जा रहा है। वहीं खोवाई जिले में अलग-अलग जगहों पर 5 राहत कैंप लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ट्वीट कर बताया कि बुधवार को आई प्राकृतिक आपदा से राज्य को कई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से अपील की है कि आपदा से कोरोना की लड़ाई पर आंच नहीं आने देंगे। राज्य आपदा के प्रभाव और कोरोना की लड़ाई दोनों से ही मुकाबला करेगा।