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                                                                           इन्द्रधनुष की सतरंगी दुनिया
देख बोली मुनिया,
वाह! वाह! मैया,
देख जरा कितनी रंगीन है दुनिया।

दिख रहा पास में, है कितनी दूर,
आसमाँ सजा है जैसे सजती दुल्हन,
चमक रहा सारा आँगन,
जैसे चमक रहा शीतलपुर...और पढ़ें
22 hours ago
                                                                           उम्मीद का दीया लिए फिरते हैं
दिल की गलियों में।
जब बढ़ती है ख़्वाहिशो की लौ हर
सांस सुलगने लगती है।।
हर मौसम हो बहारों का ये उम्मीद
दिल को होती नहीं।
ख़िज़ां में भी तरावट हो तो चाह
बहकने लगती है।।...और पढ़ें
22 hours ago
                                                                           काटे मच्छर
रात भर जागा
कीचड़ युक्त
सड़क से भागा
गांव गया था
गांव में जागा।
खेत नहीं था
अभी भी खाली
पानी में डूबी
धान की बाली
डांट रही मेरी
घर वाली
हंसिया लेकर
...और पढ़ें
22 hours ago
                                                                           अकेलेपन का नाम
उदासी है
हर लम्हे पे
ये तारी है

उदासियों के
प्रवासित जीवन को
जीते जाना
लाचारी है ।
-मं शर्मा...और पढ़ें
23 hours ago
                                                                           हथेली पर दुआ की धूप रख कर,
किसी ने उम्र भर रोपा था जिसको,
उसी इक सब्र के छोटे से पौधे को,
ज़माने ने बहुत बे-आबरू देखा।

मगर वो चुप रहा, सहता रहा सब,
कभी पतझड़ की रुसवाई, कभी यादों की परछाईं,
उसे मालूम...और पढ़ें
23 hours ago
                                                                           रूह प्यासी कहाँ से आती है
ये उदासी कहाँ से आती है

है वो यक-सर सुपुर्दगी तो भला
बद-हवासी कहाँ से आती है

वो हम-आग़ोश है तो फिर दिल में
ना-शनासी कहाँ से आती है

एक ज़िंदान-ए-बे-दिली और शाम...और पढ़ें
1 day ago
                                                                           यदि मौन मुखर हो जाए तो ,आसान सफ़र हो जाएगा
हम प्रेम का दीप जलाये तो मन प्रेम नगर हो जाएगा
कब तक चुप बैठोगे ऐसे
पत्थर की मूरत हो जैसे
करूँ आचमन पुष्प चढ़ाऊँ
बोलो तो कोई गीत सुनाऊँ
वाह करो इन अधरों से,मेरा गीत...और पढ़ें
1 day ago
                                                                           आज जिन होंठो पर चुप्पी है
जीवन में कभी तो मुस्कराए होंगे
ये उदासी ये खामोशी ये टूटते सपनों के झिलमिलाते आंखों में साए
कभी तो जीवन के हंसी सपने सजाए होंगे
अब ये अकेलापन दर्द की सर्द सिसकियां
जीवन की बेरंग साए में जीव...और पढ़ें
1 day ago
                                                                           हुई घर में लड़की,
तो छाई घर में अनबनी,

लोग पूछते हैं, “क्या हुआ?”
तो कहते हैं, “यार, कोई बात न बनी।”

क्योंकि लड़के की चाहत थी सबको,
अब घर उनके बिटिया आई है,

बधाई के चलते घर में,
...और पढ़ें
2 days ago
                                                                           मोहब्बत के बाद कुछ भी पहले-सा नहीं रहता

कभी-कभी कोई व्यक्ति
हमारी ज़िंदगी में इस तरह आता है,
जैसे किसी बंद कमरे की खिड़की से
अचानक धूप का एक टुकड़ा भीतर उतर आए।
न कोई आहट होती है,
न आने की कोई वजह समझ...और पढ़ें
3 days ago
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