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                                                                           हालात से ख़ौफ़ खा रहा हूँ 
शीशे के महल बना रहा हूँ 

सीने में मिरे है मोम का दिल 
सूरज से बदन छुपा रहा हूँ 

महरूम-ए-नज़र है जो ज़माना 
आईना उसे दिखा रहा हूँ 

अहबाब को दे रहा हूँ धोका ...और पढ़ें
14 hours ago
                                                                           तन्हा तो मैं बहुत हूं ज़िंदगी में,
पर फिर भी महसूस कोई आस-पास होता है।
तन्हा तो मैं बहुत हूॅं ज़िंदगी में
पर फिर भी महसूस कोई आस-पास होता है
ढूंढने की कोशिश करती हूॅं उसे,
पर मिलता नहीं वो मुझे है।

जब...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           पतझड़ आने को है
तुमसे बिछुड़ने का ग़म है।
सावन आया! साथ में संग बहार लाया!
बहारों का संग रंगीन दिवस।
तपती गर्मी बीत गयी
हम फिर भी सग संग टहनी के साथ रहे
जब भी हवा चली,फूलों के संग झूम उठी।
हवाओं ने चूमा...और पढ़ें
20 hours ago
                                                                           चलो अब खुश होने की वजह ढूंढते हैं
चले वहीं जहां कोई उदासी ना हो
वह एक छोटा सा अनजाना शहर ढूंढते हैं
भागते रह गए जिंदगी भर यूं ही
चलो अब एक बरगद की ठंडी छांव ढूंढते हैं
छूटा संग कितनों का जिंदगी में साथ चलते-चलते...और पढ़ें
20 hours ago
                                                                           अब के तेरी याद आई नहीं बहुत दिन से
एक उदासी सी दिल में छाई रही बहुत दिन से ।

मोहब्बतों का सफर ठहरा हुआ सा है
कोई शम्मा भी तूने जलाई नहीं बहुत दिन से ।

निगाहें तुझसे मिलाने की हिम्मत बाकी कहा
सो तेरी...और पढ़ें
1 day ago
                                                                           वक़्त रहते अगर ख़ुद से ही
बयां कर लिए होते अपने दर्द
तो ये ज़ख्म आज
इतने गहरे ना होते

हम बताते रहे उन्हें वफ़ा अपनी
और वो बेवफ़ाई समझते रहे
अगर वक़्त रहते खुद से कर ली होती वफ़ा
तो मायूस दिल पर...और पढ़ें
1 day ago
                                                                           अब के तेरी याद आई नहीं बहुत दिन से
एक उदासी सी दिल में छाई रही बहुत दिन से ।

मोहब्बतों का सफर ठहरा हुआ सा है
कोई शम्मा भी तूने जलाई नहीं बहुत दिन से ।

निगाहें तुझसे मिलाने की हिम्मत बाकी कहा
सो तेरी...और पढ़ें
1 day ago
                                                                           मेरी उदासी और गम हिस्सों में बटते रहेंगे
मेरे आँसू समंदर को नमकीन करते रहेंगे 
तू जब तक इससे निकल के नहीं आएगी
हम तुम्हारी तस्वीर उम्र भर तकते रहेंगे 

-आशीष माधव...और पढ़ें
1 day ago
                                                                           उसकी खिड़की खुली है,
उसके आँगन में गूँज रहा है दुख,
उसके दरवाज़े लाचार खड़ा है प्रेम।

उसकी सुन्दरता ने बनाया है घर,
उसकी चाहत ने डाला है छप्पर,
उसकी उदासी ने खींचे हैं परदे।

वह कुछ कहती नहीं ह...और पढ़ें
1 day ago
                                                                           घड़ी एक मैंने तराशा उसे जब....
दिलों में हकीकत की छत दिख गई...
खुद से भी ज्यादा चाहत थी जिसकी
वही बेवफाई का ख़त लिख गई..

खाई थी कसमें.. निभायेंगे बंधन..
जिएंगे मरेंगे न टूटेगा बंधन...
महकेगा मन में सुऔर पढ़ें
1 day ago
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