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                                                                           तू हमें जब कभी याद आए
पीत की चाँदनी याद आए

भूलना चाहा एक आश्ना को
सैंकड़ों अजनबी याद आए

प्यार ज़ंजीर-ए-जाँ बन गया है
दर्द की हर कड़ी याद आए

देख आए हैं सब कू-ए-क़ातिल
अब किसे ज़ि...और पढ़ें
23 hours ago
                                                                           हिंदी हैं हम शब्द-शृंखला में आज का शब्द है - उद्भिद जिसका अर्थ है - भूमि फोड़कर निकलने वाले वृक्ष। कवि सुमित्रानंदन पंत ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। 

सोनजुही की बेल नवेली,
एक वनस्पति वर्ष, हर्ष से खेली, फूली, फैल...और पढ़ें
17 hours ago
                                                                           
शाने का बहुत ख़ून-ए-जिगर जाए है प्यारे
तब ज़ुल्फ़ कहीं ता-ब-कमर जाए है प्यारे

जिस दिन कोई ग़म मुझ पे गुज़र जाए है प्यारे
चेहरा तिरा उस रोज़ निखर जाए है प्यारे

इक घर भी सलामत नहीं अब शहर-ए-वफ़ा में...और पढ़ें
23 hours ago
                                                                           लेखिका : सोनाली डेरनियागाला
प्रकाशक : अल्फ्रेड ए. नॉफ
मूल्य : 6,860 रुपये (हार्डकवर) 

एक पल, जिसमें सब कुछ तबाह हो गया

नेपाल की यह त्रासदी 2013 की श्रीलंका सुनामी की भयावह याद दिलाती है। उसमें अपना पूरा परि...और पढ़ें
19 hours ago
                                                                           ज़िंदगी तुम्हारे उसी गुण का इम्तिहान लेती है, जो तुम्हारे भीतर मौजूद है…. मेरे अंदर इश्क़ था।
- अमृता प्रीतम  

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17 hours ago
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