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राहत साहब और मैं अपने अपने घरों पर उतना नहीं रहे जितना साथ रहे: वसीम बरेलवी 

Tue, 11 Aug 2020 10:06 PM IST
WASEEM BARELVI वसीम बरेलवी
Updated Tue, 11 Aug 2020 10:06 PM IST
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Waseem Barelvi feedback on Rahat indori death
शायर राहत इंदौरी - फोटो : amarujala
मशहूर शायर राहत इंदौरी के निधन से सोशल मीडिया में शोक की लहर दौड़ गयी है। अपने पसंदीदा शायर के यूं अचानक चले जाने से सभी अचंभित हैं। मशहूर शायर वसीम बरेलवी और राहत इंदौरी का लंबा साथ रहा है। राहत साहब के अचानक इंतकाल से वसीम साहब बहुत दुखी हैं। जब हमने उन्हें फोन लगाया तो कुछ देर तक खामोश रहे, फिर धीरे-धीरे उन्होंने बोलना शुरू किया। 
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वसीम बरेलवी ने राहत साहब को याद करते हुए कहा-  पहली मर्तबा उज्जैन में उनसे हमारी मुलाक़ात हुई थी। उसके बाद 45 सालों का सफ़र साथ-साथ रहा। हम लोग अपने घरों पर उतना अधिक नहीं रहे जितना साथ रहे। हिंदुस्तान में मुशायरा हो या बाहर के मुल्कों में, उनका रवैया मेरे साथ हमेशा इज़्ज़त और एहतराम का रहा है। ऐसी मिशालें इतिहास में बहुत कम मिलती हैं कि- 'लोग लंबे समय तक बुलंदियों पर बने रहें। लेकिन उनके साथ ऐसा नहीं था। जिस कामयाबी के साथ राहत साहब ने शुरुआत की थी आखिरी सांस तक उन्होंने उन बुलंदियों को बनाये रखा।'
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उनकी शोहरत में कभी कमी नहीं आई। लोगों ने उनकी शायरी, उनके पढ़ने के अंदाज़ को बहुत पसंद किया। उन पर बेशुमार मोहब्बतें लुटाईं। जिस दौर में ग़ज़लें तरन्नुम में पढ़ीं जाती थीं, वही लोग कामयाब हुआ करते जिनको ऊपर वाले ने आवाज़ दी थी, आवाज़ उनके पास भी थी और शुरुआत भी तरन्नुम से ही की थी लेकिन बहुत जल्दी उन्होंने अपना रंग बदला।

तहत में पढ़ने वालों को उस तरह का रिस्पांस नहीं मिलता था लेकिन राहत साहब ने जिस स्टाइल में ग़ज़ल को पेश किया वह काबिले तारीफ है।  वे लफ़्ज की रूह को अपने पूरे अस्तित्व के साथ उड़ेल दिया करते थे और धीरे-धीरे मुशायरे को अपने जादू में गिरफ़्तार कर लिया करते थे। उनका तेवर भले ही तीखा रहा हो लेकिन उनकी जाती ज़िंदगी में असीम करुणा भरी थी जो लोगों को उनसे जोड़ती थी।  उनके शहर इंदौर में हर तबके के लोगों ने उन्हें पसंद किया। आखिरी मुशायरा उनके साथ 28 फरवरी को इंदौर में ही पढ़ा था उसके बाद उनके घर खाने पर गये, वहां पर बच्चों से मिले, भाभी से मिले। उनके ग़म में हम शरीक हैं, दु:ख की इस घड़ी में हम लोग उनके परिवार के  साथ हैं। अभी बड़ा खालीपन सा लग रहा है।
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