ऐसी नौकरी, जहां काम ना करने पर भी मिला 43 लाख का बोनस
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ब्रिटेन के एक तिहाई मैनेजर 'उम्मीद के हिसाब से काम न करने' के बावजूद बोनस पा जाते हैं। ब्रिटेन के 70 हज़ार मैनेजरों को मिलने वाली सैलरी और बोनस के अध्ययन से ये नतीजा सामने आया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बोनस पाने वाले मैनेजर 'उम्मीद पर खरे नहीं उतरे' की रेटिंग में थे।
ब्रिटेन के द चार्टेड मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट (सीएमआई) के नैशनल सैलरी सर्वे में ये जानकारी सामने आई कि 'उम्मीद पर खरे नहीं उतरे' मैनजरों को औसतन 45 हज़ार पाउंड (क़रीब 43 लाख रुपए) का बोनस मिला।
उम्मीद से कम प्रदर्शन करने वाले सीनियर मैनजरों को औसतन 9 हज़ार पाउंड (क़रीब 8 लाख रुपए) बोनस मिला।
महिमामंडन की संस्कृति
सीएमआई के सीईओ एन्न फ्रैंक ने कहा, 'ढेर सारे मैनजर अपने ख़राब प्रदर्शन के बावजूद बस अपने ऊँदे पद का लाभ ले रहे हैं।' फ्रैंक कहते हैं कि अब बोनस नियमित सैलरी का एक हिस्सा बनता जा रहा है, पहले ये कठिन मेहनत करने के पुरस्कार के तौर पर दिया जाता था।
वो कहते हैं, 'ख़राब प्रदर्शन के बाद भी बोनस पाने का एक कारण ये भी है कि कई जगहों पर पुराने कामों के महिमामंडन की संस्कृति मौजूद होती है।'
सीएमआई के अनुसार कंपनियों को नई नियुक्तियाँ करने और उन्हें बनाए रखने में काफ़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि कुशल लोगों की कमी भी सैलरी और बोनस बढ़ाने के पीछे एक कारण हो सकता है।