UP Police: यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से पहले आया अहम नोटिस, अभ्यर्थियों और आम जनता से की गई ये अपील
UP Police Notice: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा 2024 पर एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के जरिए बोर्ड ने अभ्यर्थियों और आम जनता से एक खास अपील की है।
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UP Police Constable Recritment 2024: यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती की पुनःपरीक्षा 23 अगस्त से शुरू होने वाली है। पूर्व में परीक्षा की शुचिता भंग होने के कारण इसे रद्द करना पड़ा था, लेकिन इस बार प्रशानस कमर कस ली है। परीक्षा से पहले आम जनता से अपील करते हुए एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पेपर लीक जैसी घटनाओं से संबंधित है।
उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने आम जनता से आगामी 23 अगस्त से शुरू होने वाली सिपाही सीधी भर्ती की लिखित परीक्षा की शुचिता को भंग करने का प्रयास करने वालों की सूचना देने की अपील की है। बोर्ड ने इसके लिए एक ईमेल आईडी और व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया है। यह सूचना यूपीपीबीपीबी की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर उपलब्ध है।
यहां दें सूचना
भर्ती बोर्ड ने कहा है कि इस पर परीक्षा की शुचिता भंग करने की कोई भी जानकारी जैसे पेपर लीक, पेपर की खरीद-फरोख्त, परीक्षा में नकल, सॉल्वर गैंग अथवा अन्य किसी भी अवांछनीय गतिविधि की जानकारी दी जा सकती है। बोर्ड ने सूचना देने के लिए ईमेल आईडी satarkta.policeboard@gmail.com और व्हाट्सएप नंबर 9454457951 भी जारी किया है।
सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा की तिथियों में संशोधन किया गया है और अब यह परीक्षा 23, 24, 25, 30, 31, 2024 अगस्त को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। 26 अगस्त को जन्माष्टमी की छुट्टी होने के कारण लिखित परीक्षा के बीच अंतराल रखा गया है। पुलिस कांस्टेबल के 60,244 पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की जाएगी।
एडमिट कार्ड और परीक्षा शहर की पर्ची जल्द ही जारी होने की संभावना है। हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं है।
यूपीपीबीपीबी कांस्टेबल परीक्षा पहले 17 और 18 फरवरी, 2024 को चार पालियों में आयोजित की गई थी, जिसमें 48 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने भाग लिया था। हालांकि, राज्य सरकार ने 24 फरवरी को इसे रद्द कर दिया क्योंकि इसका प्रश्नपत्र लीक हो गया था। सरकार ने निर्देश दिया कि परीक्षा छह महीने के भीतर फिर से आयोजित की जाए।