गजब! हाईस्कूल पास को दे दी इंजीनियर की नौकरी, हाईकोर्ट ने डांटा
हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम में हाईस्कूल पास तकनीकी सहायकों को प्रोन्नति देकर सहायक अभियंता बनाए जाने संबंधी कार्यालय विज्ञाप्ति पर रोक लगा दी है। इस मामले पर अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति एसबी सिंह की खंडपीठ ने निगम के इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रोन्नति की यह प्रक्रिया परंपरा से लंबे समय से चली आ रही है।
अदालत ने कहा कि जब मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बेरोजगार घूम रहे हैं, ऐसे में हाईस्कूल पास लोगों को सहायक इंजीनियर बनाना कौन सी परंपरा है।
अगली सुनवाई 24 सितंबर को
याची के वकील अनिल बिसेन के मुताबिक विद्युत उत्पादन निगम ने 27 फरवरी 2015 को कार्यालय विज्ञाप्ति के माध्यम से तकनीकी सहायक से अवर अभियंता बनाए गए कर्मचारियों को एक और प्रोन्नति देकर सहायक अभियंता बनाने का निर्णय लिया है, जबकि इन कर्मचारियों की शैक्षिक योग्यता कक्षा आठ या हाईस्कूल है।
सहायक अभियंता बनने के लिए इंजीनियरिंग में डिप्लोमा होना अनिवार्य है। कोर्ट ने इससे पूर्व की तिथि पर निगम से इसका जवाब दाखिल करने को कहा था।
निगम के वकील ने आज हलफनामा दाखिल कर बताया कि तकनीकी सहायकों को अवर अभियंता और फिर सहायक अभियंता के पद पर प्रोन्नति देने की विभाग में पुरानी परंपरा रही है। कोर्ट ने प्रोन्नति पर रोक लगाते हुए इस मामले में सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तिथि नियत की है।