BPSC: बीपीएससी की सहायक वास्तुविद् लिखित परीक्षा में 103 को मिली सफलता; जारी हुए नतीजे, इस लिंक से करें चेक
BPSC Assistant Architect Result: बिहार लोक सेवा आयोग ने असिस्टेंट आर्किटेक्ट भर्ती की लिखित परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस परीक्षा में 103 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। इन उम्मीदवारों को अब दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
BPSC Assistant Architect: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने विज्ञापन संख्या - 23/2024 के अन्तर्गत दिनांक 18.07.2024 को आयोजित सहायक वास्तुविद् लिखित (वस्तुनिष्ठ) प्रतियोगिता परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस परीक्षा में 103 उम्मीदवारों को सफलता मिली है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in. पर जाकर परिणाम देख सकते हैं।
पीडीएफ में सफल उम्मीदवारों के रोल नंबर
नोटिस के अनुसार, इस परीक्षा में 103 उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन दौर के लिए योग्य घोषित किया गया है। परिणाम पीडीएफ प्रारूप में आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। सभी सफल उम्मीदवारों के रोल नंबर पीडीएफ में शामिल हैं। इसके साथ ही आयोग ने सिमुलतला आवासीय विद्यालय भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम भी घोषित किया है। उम्मीदवार यहा क्लिक करके परीक्षा का परिणाम देख सकते हैं। आयोग ने कहा है कि सफल उम्मीदवारों के लिए दस्तावेज सत्यापन का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।
18 अक्तूबर को जारी हुई थी अंतिम उत्तर कुंजी
परीक्षा का आयोजन 18 जुलाई, 2024 को किया गया था। इसके बाद आयोग ने उत्तर कुंजी जारी की, जिसके खिलाफ आपत्ति उठाने के लिए 13 से 16 सितंबर तक का समय दिया गया था। इसके बाद, 18 अक्तूबर को अंतिम उत्तर कुंजी जारी हुई और आज 06 दिसंबर को इस परीक्षा के नतीजे भी घोषित कर दिए गए हैं। इस भर्ती अभियान का उद्देश्य कुल 106 असिस्टेंट आर्किटेक्ट के रिक्त पदों को भरना है। सभी सफल उम्मीदवारों के रोल नंबर यहां देख सकते हैं:
यह भी पढ़ें: बीपीएससी सिमुलतला आवासीय विद्यालय प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी, कुल 107 अभ्यर्थियों को मिली सफलता
BPSC 70th CCE 2024: 13 दिसंबर को प्रस्तावित है 70वीं सीसीई प्रारंभिक परीक्षा
बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं एकीकृत प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर को होनी है। इधर कुछ अभ्यर्थी आयोग के बाहर नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि 70वीं एकीकृत प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन लागू नहीं होना चाहिए। हालांकि, आयोग ने नॉर्मलाइजेशन लागू नहीं किया था, आयोग का कहना है कि अभ्यर्थियों को भ्रमित किया जा रहा है।अभ्यर्थियों का विरोध क्यों?
छात्रों का तर्क है कि नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया सिविल सेवा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उचित नहीं है। इस प्रकार की परीक्षाओं में एक अंक भी चयन और असफलता के बीच अंतर पैदा कर सकता है। औसत अंक की गणना से कई मेधावी अभ्यर्थियों का नुकसान हो सकता है।
- समान अवसर की मांग: अभ्यर्थी चाहते हैं कि परीक्षा केवल एक ही पाली में हो ताकि सभी को समान अवसर मिले।
- सटीक मूल्यांकन: छात्रों का कहना है कि कठिन और आसान प्रश्नपत्रों का औसत निकालना योग्यता के आधार पर चयन को प्रभावित करता है।
- भविष्य पर असर: नॉर्मलाइजेशन के कारण कई योग्य उम्मीदवार अपने करियर के महत्वपूर्ण अवसर से वंचित हो सकते हैं।