झारखंड: विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो का बड़ा फैसला, दो विधायकों को अयोग्य घोषित किया; जानें क्या है मामला
शुक्रवार से झारखंड विधानसभा के छह दिवसीय मानसून सत्र की शुरुआत होने जा रही है। इससे ठीक पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक लोबिन हेमब्रम और कांग्रेस विधायक जय प्रकाश भाई पटेल को अयोग्य घोषित करने का आदेश जारी किया गया है।
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झारखंड में दो विधायकों लोबिन हेमब्रम और जय प्रकाश भाई पटेल को अयोग्य घोषित किया गया है। इस बारे में एक अधिकारी ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष के न्यायाधिकरण ने गुरुवार को दलबदल विरोधी कानून के तहत दोनों को अयोग्य घोषित किया है। विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो के न्यायाधिकरण ने दोनों के खिलाफ इस संबंध में दायर शिकायत पर संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। यह फैसला 26 जुलाई से प्रभावी माना जाएगा।
शुक्रवार से विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत
आपको बता दें कि शुक्रवार से झारखंड विधानसभा के छह दिवसीय मानसून सत्र की शुरुआत होने जा रही है। इससे ठीक पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) विधायक लोबिन हेमब्रम और कांग्रेस पार्टी के विधायक जय प्रकाश भाई पटेल को अयोग्य घोषित करने का आदेश जारी किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष के न्यायाधिकरण में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और झामुमो ने लोबिन हेमब्रोम और जय प्रकाश भाई पटेल के खिलाफ कार्यवाही शुरू की थी।
लोबिन हेमब्रम ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और हारे
आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में झामुमो के लोबिन हेमब्रम ने राजमहल लोकसभा सीट से अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी विजय कुमार हंसदक के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था। हालांकि, इस चुनाव में हेमब्रम को करारी हार का सामना करना पड़ा था। विजय कुमार हंसदक को छह लाख से अधिक वोट मिले थे, जबकि हेमब्रोम 42,140 वोट मिले थे।
भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए और हारे जय प्रकाश पटेल
उधर, भारतीय जनता पार्टी के जय प्रकाश भाई पटेल लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। इस सीट से भाजपा के मनीष जायसवाल को छह लाख से अधिक वोट मिले और उन्हें जीत मिली थी। उधर कांग्रेस प्रत्याशी जय प्रकाश भाई पटेल को ढाई लाख वोटों से भी अधिक अंतर से हार का वार झेलना पड़ा था। एक अधिकारी ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने गुरुवार को दोनों ही नेताओं को अयोग्य ठहराने का फैसला सुनाया।