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Hemant Soren: सुप्रीम कोर्ट से हेमंत सोरेन को झटका, याचिका पर सुनवाई से इनकार; कहा- पहले हाईकोर्ट जाना चाहिए

Fri, 02 Feb 2024 10:44 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 02 Feb 2024 10:44 AM IST
सार

झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता सोरेन ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनकी गिरफ्तारी को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने गुरुवार को सोरेन की याचिका पर सुनवाई के लिए विशेष पीठ गठित की थी।

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Supreme Court Hearing on Hemant Soren petition against the arrest Land Scam special bench hear the arguments
मुश्किल में हेमंत सोरेन। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने धन शोधन मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। हेमंत सोरेन ने प्रवर्तन निदेशालय की ओर से की गई उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। जस्टिस संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने शुक्रवार को सोरेन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ताओं कपिल सिब्बल और अभिषेक सिंघवी से हाईकोर्ट जाने को कहा। इससे पहले  रांची की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें गुरुवार को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

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याचिका में क्या कहा गया?

  • हेमंत सोरेन ने अपनी याचिका में ईडी पर लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार की सुनियोजित साजिश के तहत उन्हें गिरफ्तार करने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट्स की मानेंतो सोरेन ने याचिका में शीर्ष अदालत से ईडी द्वारा उनकी गिरफ्तारी को अनुचित, मनमाना और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करार देने का अनुरोध किया है। 
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  • याचिका में कहा गया है कि ईडी अधिकारियों ने केंद्र सरकार के निर्देश पर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है, क्योंकि याचिकाकर्ता हेमंत सोरेन की पार्टी जेएमएम विपक्षी गठबंधन इंडिया का सक्रिय घटक है। सोरेन की गिरफ्तारी सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई है।
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  • 48 वर्षीय सोरेन ने कहा कि उन्होंने ईडी द्वारा अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए 31 जनवरी को शीर्ष अदालत के समक्ष याचिका दायर की थी। अनुरोध किया गया था कि ईडी को सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने तक इंतजार करना चाहिए। इसके बावजूद ईडी ने उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में ले लिया। 
  • उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इशारे पर ईडी की कार्रवाई का उद्देश्य उनकी चुनी हुई सरकार को गिराना था, जबकि उनके पास पर्याप्त बहुमम है।


सात घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था
इससे पहले ईडी ने बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सात घंटे की पूछताछ के बाद झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले सोरेन को ईडी की हिरासत में राज्यपाल से मिलकर सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था।



ईडी का दावा- रांची में सोरेन के पास 8.5 एकड़ भूखंड
इस बीच ईडी ने विशेष अदालत को बताया कि सोरेन के पास रांची में एक दूसरे से सटे 12 भूखंड हैं जिनका माप कुल 8.5 एकड़ है। इन पर सोरेन का अवैध कब्जा है और वह उनका उपयोग करते हैं और उन्होंने यह जानकारी छिपा कर भी रखी थी। एजेंसी ने कहा कि ये भूखंड मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपराध की आय है।

राज्य सरकार के कर्मचारी और राजस्व विभाग में सब इंस्पेक्टर भानू प्रताप प्रसाद के खिलाफ राज्य के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी में संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। इससे पता चला कि प्रसाद अन्य लोगों के साथ मिलकर संपत्तियों को अवैध रूप से हासिल करने की साजिश में शामिल था, इसमें हेमंत सोरेन द्वारा हासिल की गई संपत्तियां भी शामिल हैं। प्रसाद के मोबाइल फोन में भी इसके विवरण मिले थे।

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