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झारखंड: निजी अस्पतालों की मनमानी पर लगेगी लगाम? सात दिन में फीस और जांच की दरें बताने का आदेश

Thu, 29 Oct 2026 09:53 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2026 09:53 PM IST
सार

रांची में सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों को सात दिनों के भीतर मरीजों से जुड़ी जरूरी जानकारियां सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होंगी। सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

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Private hospitals must display treatment rates and doctors' qualifications within seven days.
सदर अस्पताल रांची

विस्तार

 रांची में संचालित सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों को अब मरीजों के लिए जरूरी जानकारियां सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होंगी। सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमरेंद्र प्रसाद ने आदेश जारी कर सभी संबंधित चिकित्सा प्रतिष्ठानों को सात दिनों के भीतर निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।

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कार्यालय आदेश संख्या 5236 के तहत जारी निर्देश का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, मरीजों को इलाज से संबंधित जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना और चिकित्सा प्रतिष्ठानों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

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आदेश के अनुसार, सभी संबंधित संस्थानों को अपना वैध एवं अद्यतन निबंधन प्रमाणपत्र या लाइसेंस ऐसी जगह प्रदर्शित करना होगा, जहां मरीजों और उनके परिजनों की आसानी से नजर पड़े। इसके अलावा, अस्पतालों को डॉक्टरों के नाम, शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण, विशेषज्ञता और परामर्श के समय की जानकारी भी सार्वजनिक करनी होगी।

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सभी अस्पतालों और क्लीनिकों के लिए अद्यतन एवं मदवार दर सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इसमें डॉक्टरों की परामर्श फीस, विभिन्न जांचों के शुल्क, चिकित्सा प्रक्रियाओं की लागत, बेड चार्ज और अन्य सेवा शुल्क का स्पष्ट विवरण देना होगा। इससे मरीजों को इलाज पर होने वाले संभावित खर्च का अनुमान लगाने में मदद मिलेगी।

चिकित्सा प्रतिष्ठानों को उपलब्ध सेवाओं, सुविधाओं, मरीजों के अधिकारों और शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी भी प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करनी होगी।

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सिविल सर्जन कार्यालय के मुताबिक, सोशल एक्टिविस्ट ज्योति शर्मा के आधिकारिक ई-मेल से मिले अनुरोध के बाद क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के प्रावधानों के अनुपालन को लेकर यह निर्देश जारी किया गया है। संबंधित निरीक्षण अधिकारियों को संस्थानों में निर्देशों के अनुपालन की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। किसी तरह की कमी या उल्लंघन मिलने पर सिविल सर्जन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

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