झारखंड: नमक में आयोडीन कम मिलने पर मचा हड़कंप, गोड्डा में वितरण पर रोक; अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद होगा फैसला
झारखंड के गोड्डा में मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना के तहत बांटे जा रहे नमक में आयोडीन की मात्रा कम मिलने पर वितरण रोक दिया गया है। अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है। लोहरदगा और पाकुड़ में स्टॉक संबंधी विसंगतियां भी सामने आई हैं।
विस्तार
झारखंड की मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना के तहत गोड्डा जिले में गरीब परिवारों को बांटे जाने वाले नमक की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। विभागीय समीक्षा बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी ने जानकारी दी कि नमक के नमूनों की प्रयोगशाला जांच में आयोडीन की मात्रा कम पाई गई है। इसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने जिले में नमक के वितरण पर तत्काल रोक लगा दी है।
राज्य प्रयोगशाला में होगी दोबारा जांच
खाद्य आपूर्ति विभाग ने नमक के नमूनों को दोबारा जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजने का निर्देश दिया है। अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक गोड्डा जिले में संबंधित नमक का वितरण बंद रहेगा। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना की धीमी प्रगति पर भी चिंता जताई गई। अक्तूबर महीने में राज्यभर में नमक वितरण की प्रगति केवल 26.56 प्रतिशत पाई गई। इस पर विभाग ने सभी जिलों को निर्धारित समयसीमा में वितरण पूरा करने का निर्देश दिया है। साथ ही गोदामों में रखे नमक की डोर स्टेप डिलीवरी हर महीने की अंतिम तारीख तक सुनिश्चित करने को कहा गया है।
लोहरदगा और पाकुड़ में स्टॉक का अंतर
समीक्षा के दौरान लोहरदगा और पाकुड़ जिलों में नमक के स्टॉक से जुड़ी विसंगतियां सामने आईं। दोनों जिलों के अधिकारियों ने बताया कि उनके गोदामों में नमक का भौतिक भंडार शून्य है, जबकि आहार पोर्टल पर नमक की अवशेष मात्रा दर्ज है। विभाग ने पोर्टल के आंकड़ों और वास्तविक स्थिति में अंतर को गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण और विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों का भौतिक स्टॉक से मिलान कर विसंगतियों को जल्द दूर करने का निर्देश दिया गया है।
पढ़ें: हाईकोर्ट के आदेश पर खुले बोकारो स्टील प्लांट के सभी 11 गेट, आंदोलन में फंसे थे 3,000 कर्मचारी
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है प्रतिकूल प्रभाव
मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना के तहत राज्य के 68 लाख गरीब परिवारों को हर महीने प्रति परिवार एक किलोग्राम मुफ्त नमक उपलब्ध कराया जाता है। गोड्डा में नमक में आयोडीन की कमी मिलने के बाद जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग सतर्क हो गए हैं।
आयोडीन शरीर के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व है। इसकी कमी से थायराइड ग्रंथि बढ़ सकती है, जिसे घेंघा रोग कहा जाता है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं में आयोडीन की कमी विशेष रूप से नुकसानदायक हो सकती है। इससे बच्चों के मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा आयोडीन की कमी से हाइपोथायराइडिज्म का खतरा भी बढ़ सकता है, जिसके कारण थकान, कमजोरी, वजन बढ़ने और शरीर की चयापचय प्रक्रिया धीमी होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।