चक्रवात अर्नब को लेकर झारखंड का मौसम कैसा रहेगा?: मौसम विभाग ने दी चेतावनी, सरकार ने इन जिलों को किया अलर्ट
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से झारखंड में 28 से 30 अक्टूबर तक भारी बारिश की आशंका है। मौसम विभाग ने कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सरकार ने जिला प्रशासन को सतर्क रहने और राहत तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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चक्रवात अर्नब के बुधवार को आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचने की संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड के कुछ हिस्सों में तीन दिनों तक भारी बारिश होने की आशंका है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 28 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे से अगले 24 घंटे तक रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश का येलो अलर्ट (सतर्क रहें) जारी किया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, इसके बाद बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। आईएमडी ने झारखंड के सात जिलों- गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के लिए 29 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे से 30 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट (तैयार रहें) जारी किया है।
मौसम विभाग ने आगे क्या बताया?
मौसम विभाग ने बताया कि 29 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे से अगले 24 घंटे तक चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने बुधवार से तीन दिनों तक गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है।
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रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया, "बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य क्षेत्र में स्थित अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और मंगलवार सुबह 5:30 बजे इसी क्षेत्र में केंद्रित था। इसके 27 अक्टूबर की शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। एक अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन को प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए सतर्क रहने और तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है। रांची जिला प्रशासन ने भी अपने अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने एक बयान में कहा कि भारी बारिश के कारण रांची के निचले इलाकों और सड़कों पर जलभराव की आशंका है। कच्चे मकानों, झोपड़ियों और कमजोर संरचनाओं वाली इमारतों को नुकसान हो सकता है। नदियों, झीलों और बड़े नालों में पानी उफान पर आ सकता है। निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका है। प्रशासन ने यह भी कहा कि खेतों में पानी जमा होने के कारण खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने संबंधित सभी अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।