झारखंड: तीन लाख पदों के लिए जल्द शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया, सीएम हेमंत सोरेन ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने कहा कि 31 अक्तूबर से पहले सभी विभाग नियुक्ति और सेवा शर्त से जुड़ी नियमावलियों में विसंगतियां दूर कर बहाली के लिए विज्ञापन प्रकाशित करें।
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झारखंड में बेरोजगार युवाओं के लिए जल्द ही तीन लाख नौकरियां निकलने वाली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी विभागों को नियुक्ति नियमावली की विसंगतियों को दस दिनों में दूर कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने कहा कि 31 अक्तूबर से पहले सभी विभाग नियुक्ति और सेवा शर्त से जुड़ी नियमावलियों में विसंगतियां दूर कर बहाली के लिए विज्ञापन प्रकाशित करें।
संशोधित नियमावली से राज्य के युवाओं को ज्यादा अवसर मिलेगा
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया है कि वर्ग तीन और चार से संबंधित नियुक्तियों के संबंध में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग के आलोक में नियमावली में जो संशोधन किए गए हैं, उसका अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इससे राज्य के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा अवसर मिलेगा और विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग, अन्य सभी विभाग, जेपीएससी एवं जेएसएससी आपस में समन्वय कर बहाली में तेजी लाएं। किसी भी विभाग की ओर से भर्तियों को लंबित न रहने दिया जाए। सरकार की मंशा है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिले और नियुक्ति प्रक्रिया किसी भी स्तर पर लंबित नहीं रहे।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सभी विभागों में लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं को एक निश्चित समय सीमा के अंतर्गत हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इसके लिए एक बेहतर प्लान बनाकर कार्य करें, जिससे तय समय में नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव एवं सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
तीन लाख से अधिक पद हैं खाली
राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में अभी तीन लाख के करीब पद खाली हैं। इसमें सबसे ज्यादा 16 सौ पद ग्रामीण विकास विभाग में रिक्त हैं। उसके बाद श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एव कौशल विभाग में 900 पद अभी खाली हैं। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग में 750, कल्याण विभाग में 500, उत्पाद विभाग में 500, महिला बाल विकास में 350 पद खाली। इसके अलावा कई ऐसे विभाग हैं जिनमें एक सौ से ज्यादा पद खाली हैं।