Jharkhand Election: 'डबल इंजन की सरकार सिर्फ लोगों को धर्म के...', आजसू-BJP पर कांग्रेस प्रत्याशी अंबा का हमला
Jharkhand Vidhan Sabha Chunav 2024: झारखंड में विधानसभा चुनाव के साथ ही उपचुनाव पर इस समय सबकी निगाहें बनी हुईं है। विभिन्न पार्टियां व्यापक स्तर पर चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं। आइये जानते हैं चुनाव से जुड़े अपडेट्स...
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महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों के साथ ही देश भर में 14 राज्यों की 48 विधानसभा सीटों और दो राज्यों की दो लोकसभा सीटों पर भी उपचुनाव को लेकर इस दिनों देश की सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है। झारखंड में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होना है। आइये जानते हैं कि उपचुनाव और विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड में क्या चल रहा है...
आजसू-भाजपा की सरकार सिर्फ लोगों को बांटना चाहती: अंबा
कांग्रेस विधायक और बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी अंबा प्रसाद ने कहा, 'हमारी सरकार पहली बार बनी और पहली बार लोगों के लिए कुछ किया गया है। यहां पहले हमेशा आजसू-भाजपा की सरकार रही है। वे केवल लोगों को विस्थापित करने में व्यस्त थे। डबल इंजन की सरकार की कोई नीति नहीं थी, कुछ भी नहीं था। वे कुछ नहीं करना चाहते। वे सिर्फ धर्म के नाम पर लोगों को बांटना चाहते हैं। लोग जागरूक हैं। यहां विस्थापन, बेरोजगारी, बुनियादी ढांचा, विकास, शिक्षा प्रणाली और स्वास्थ्य प्रणाली को दुरुस्त करना है। हमने इन बातों को काफी आगे बढ़ाया है और दिन-रात लोगों के बीच काम किया है। मैंने आराम नहीं किया है, मैं इस क्षेत्र से कभी गायब नहीं हुई। मैं हमेशा लोगों के बीच रही हूं।'
'बटोंगे तो कटोगे सही है'
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के 'बंटोगे तो कटोगे' वाले बयान पर उन्होंने कहा, 'हम भी एकजुट रहना चाहते हैं। बटोंगे तो कटोगे सही है, लेकिन वह सिर्फ एक विशेष धर्म के लिए ऐसा कह रहे हैं, इसलिए उन्होंने पहले ही लोगों को बांट दिया है। हम इस लाइन का समर्थन करते हैं क्योंकि ये वही लोग हैं जो बांटना और कटना में शामिल हैं। यह वे हैं जो नहीं चाहते कि लोग एकजुट हों।
हमारे निर्वाचन क्षेत्र में कोई बांग्लादेशी नहीं: अंबा प्रसाद
उन्होंने यह भी कहा, 'आपको हमारे निर्वाचन क्षेत्र में कोई बांग्लादेशी नहीं मिलेगा, भले ही आप उनकी तलाश करें। जिस तरह से वे (भाजपा) बोलते हैं, मैं अपने प्रतिद्वंद्वियों से कहना चाहूंगी कि मुझे यहां एक बांग्लादेशी दिखाइए। हमने कभी नहीं देखा। लेकिन वे इसे मुद्दा बना रहे हैं। वे कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए यहां उम्मीदवार उतारते हैं। वे अपनी जीत बनाने के लिए अन्य उम्मीदवारों को फंड देते हैं, ताकि दूसरे वोटों को बांट सकें। उन्होंने वोटों को काटने के लिए 12-13 उम्मीदवार उतारे हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि लोग न्याय प्रदान करते हैं।'