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Jharkhand: 'भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा', केंद्रीय मंत्री का दावा
Sun, 08 Dec 2024 01:10 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमशेदपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमशेदपुर
Published by: श्वेता महतो
Updated Sun, 08 Dec 2024 01:10 PM IST
सार
कंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति का गठन धन और रोजगार पैदा करने के मकसद से किया गया है। उन्होंने छात्रों को देश को एक मेगा पावरहाउस और दुनिया की प्रेरक शक्ति बनाने में रचनात्मक भूमिका निभाने की सलाह दी।
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धर्मेंद्र प्रधान
- फोटो : X/Dharmendra Pradhan
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विस्तार
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शनिवार को झारखंड में जमशेदपुर के एक्सएलआरआई-स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्लेटिनम जुबली समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने यहां अपने संबोधन में बताया कि भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भारत पांचवें स्थान पर है और अगले तीन वर्षों में देश तीसरे स्थान पर होगा।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "75 साल पहले जब एक्सएलआरआई अस्तित्व में आया था तब भारत की गिनती अर्थव्यवस्था में नहीं होती थी। आज हम तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ निया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। हम अगले तीन वर्षों में पांच ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। हमारी अर्थव्यवस्था 2047 तक 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ जाएगी।"
उन्होंने आगे कहा, हमें वेल्थ क्रिएटर, "जॉब क्रिएटर बनना है। हमारे पास लाखों नौकरियां पैदा करने की क्षमता है। दुनिया डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए भारत की ओर देख रही है। दुनिया में 46 प्रतिशत डिजिटल लेनदेन हमारे देश में होता है। हम सर्विस सेक्टर में आत्मनिर्भर हो गये हैं।"
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति का गठन धन और रोजगार पैदा करने के मकसद से किया गया है। उन्होंने छात्रों को देश को एक मेगा पावरहाउस और दुनिया की प्रेरक शक्ति बनाने में रचनात्मक भूमिका निभाने की सलाह दी।
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धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "75 साल पहले जब एक्सएलआरआई अस्तित्व में आया था तब भारत की गिनती अर्थव्यवस्था में नहीं होती थी। आज हम तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ निया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। हम अगले तीन वर्षों में पांच ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। हमारी अर्थव्यवस्था 2047 तक 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ जाएगी।"
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उन्होंने आगे कहा, हमें वेल्थ क्रिएटर, "जॉब क्रिएटर बनना है। हमारे पास लाखों नौकरियां पैदा करने की क्षमता है। दुनिया डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए भारत की ओर देख रही है। दुनिया में 46 प्रतिशत डिजिटल लेनदेन हमारे देश में होता है। हम सर्विस सेक्टर में आत्मनिर्भर हो गये हैं।"
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति का गठन धन और रोजगार पैदा करने के मकसद से किया गया है। उन्होंने छात्रों को देश को एक मेगा पावरहाउस और दुनिया की प्रेरक शक्ति बनाने में रचनात्मक भूमिका निभाने की सलाह दी।