Jharkhand: महाशिवरात्रि समारोह के दौरान साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर बवाल, हालात काबू में; सियासी बयानबाजी तेज
हिंसक झड़प के बाद सुरक्षा उपायों पर प्रशिक्षु आईपीएस श्रुति अग्रवाल ने कहा, 'स्थिति नियंत्रण में है। शांति बहाल हो गई है। हमने आज शांति समिति की बैठक बुलाई है। हमने इलाके में पर्याप्त बल तैनात किया है। एफआईआर दर्ज कर ली गई है।'
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झारखंड के हजारीबाग में बीते दिन की हिंसक झड़प के बाद इचाक इलाके से सुबह-सुबह सुरश्क्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दरअसल, बुधवार को महाशिवरात्रि समारोह के दौरान इलाके में साउंड सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर उपद्रवियों ने पथराव किया था और कई दोपहिया वाहनों में आग लगा दी थी। हिंसक झड़प के बाद सुरक्षा उपायों पर प्रशिक्षु आईपीएस श्रुति अग्रवाल ने कहा, 'स्थिति नियंत्रण में है। शांति बहाल हो गई है। हमने आज शांति समिति की बैठक बुलाई है। हमने इलाके में पर्याप्त बल तैनात किया है। एफआईआर दर्ज कर ली गई है।' मामले में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने समुदाय विशेष को दबाने की कोशिश का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने पलटवार किया है। पार्टी ने सवाल किया कि रामनवमी, महाशिवरात्रि और गणेश उत्सव में ही बवाल क्यों?
#WATCH | Hazaribagh, Jharkhand | Early morning security visuals from the Ichak area of Hazaribagh district following yesterday's violent clash.
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Assailants pelted stones and set multiple two-wheelers on fire over the use of sound system during Maha Shivratri celebrations in the… pic.twitter.com/Jy0xGcx1NXविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 27, 2025
क्या है मामला?
दरअसल, हजारीबाग में बुधवार को महाशिवरात्रि पर धार्मिक झंडे और लाउडस्पीकर लगाने को लेकर दो समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए थे। इस दौरान दोनों तरफ से पत्थरबाजी हुई, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया। एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
दोनों तरफ से पत्थरबाजी
हजारीबाग की पुलिस उपायुक्त के मुताबिक, यह घटना बुधवार सुबह इचक के डुमरांव गांव में तब हुई, जब एक समुदाय के कुछ लोगों ने एक स्कूल के सामने धार्मिक झंडे और लाउडस्पीकर लगाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए और दोनों तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई।
हिंदू त्योहारों के दौरान राज्य में तनाव
केंद्रीय मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने पत्थरबाजी की इस घटना पर दुखद बताते हुए राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू त्योहारों के दौरान राज्य में इस तरह की घटनाएं आम हो चुकी हैं।
झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी की टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री और रांची से भाजपा सांसद संजय सेठ ने कहा, 'एक तरफ पीएम मोदी के पास 2047 का लक्ष्य है और पूरा देश उसी ओर बढ़ रहा है। दूसरी तरफ झारखंड में महाशिवरात्रि, होली या रामनवमी जैसे किसी भी धार्मिक जुलूस के दौरान तनाव पैदा हो जाता है। इरफान अंसारी जैसे लोग आग में घी डालने का काम करते हैं। उन्हें पीएम मोदी से सीखना चाहिए कि वे भारत के 140 करोड़ लोगों को कैसे एक साथ रख रहे हैं। चाहे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी हों या समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, वे हमेशा सनातनियों और भारत के खिलाफ बोलते हैं। मुझे लगता है कि यह घटना बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा की गई थी।'