{"_id":"5fdcafc18ebc3e3b850cfb71","slug":"a-woman-buried-alive-in-jharia-fire-zone-after-being-sucked-into-a-crater","type":"story","status":"publish","title_hn":"धनबाद के झरिया में जमीन धंसने से जलती खदान में समा गई महिला, दर्दनाक मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनबाद के झरिया में जमीन धंसने से जलती खदान में समा गई महिला, दर्दनाक मौत
Fri, 18 Dec 2020 07:08 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धनबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धनबाद
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 18 Dec 2020 07:08 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धनबाद में झरिया की जलती कोयला खदान में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां सुबह शौच के लिए गई एक 35 वर्षीय महिला के पैर के नीचे की पूरी जमीन ही धंस गई और वह जलती खदान के गड्ढे में समा गई। इससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
विज्ञापन
सिंदरी क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक अजीत कुमार सिंह ने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे कल्याणी देवी नामक महिला शौच होने के लिए खुली खदान की ओर गई थी जहां एकाएक उसके पैरों के नीचे की जमीन धंस गई। तीन बच्चों की मां यह महिला खदान के भीतर समा गई।
विज्ञापन
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने करीब 12 बजे महिला को मशीनों की सहायता से बस्ताकोला इंडस्ट्री कोइलरी के जलते गड्ढे से बाहर निकाला। लेकिन तब तक उसकी जलने और जहरीली गैसों के चलते दम घुटने से मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
इस दर्दनाक घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे बस्ती के लोगों ने महिला के परिवार के लिए बीसीसीएल से दस लाख रुपये का हर्जाना देने की मांग की है। लोगों ने अपनी मांग को लेकर धनबाद-झरिया मार्ग को जाम कर दिया और मृतका के शव को लेकर प्रदर्शन किया।
लोगों ने उसके शव को अंत्य परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाए जाने से भी रोक दिया। बीसीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में यह इस तरह की दूसरी घटना है। इससे पहले 23 मई, 2017 को एक पिता-पुत्र की झरिया टाउन में जमीन धंसने से मौत हो गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि यह पूरा क्षेत्र बीसीसीएल की कोयला खदानों का है और वर्षों से यहां आग लगी हुई है जो तमाम कोशिशों के बावजूद नहीं बुझाई जा सकी है। यहां सभी बस्तियों को हटाने का आदेश हो चुका है और लोगों को अन्यत्र बसने के लिए भूमि भी आवंटित हो चुकी है।
अधिकारियों ने बताया कि भूमि आवंटित होने के बाद भी लोग इलाके को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज की दुर्घटना यहां अवैध रूप से रह रहे लोगों के लिए एक और चेतावनी है कि वह इस क्षेत्र को खाली कर दें अन्यथा कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।