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लोहड़ी को लेकर सजे बाजार, हो रही खूब खरीदारी

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jan 2021 12:21 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। लोहड़ी खुशियों को सबके साथ बांटकर मनाने का त्योहार है। इस साल लोहड़ी पर्व 13 जनवरी को मनाया जाएगा। यह उत्तर भारत का प्रमुख त्योहार है। हालांकि मूल रूप यह पंजाब का सांस्कृति पर्व है। लेकिन इस पर्व की व्यापकता इतनी अधिक है कि यह पूरे उत्तर भारत में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। लोहड़ी के दिन आग में तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली चढ़ाई जाती हैं। आग के चारों तरफ चक्कर लगाकर सभी लोग अपने सुखी जीनव की कामना करते हैं। लोहड़ी को लेकर शहर के नई बस्ती, गांधी नगर, हरि मार्केट आदि बाजार सज चुके हैं, वहीं पुराने शहर के फत्तू चौगान, पक्का डंगा व ज्यूल क्षेत्र में विशेष दुकानें सजी है। साथ ही लोग खरीदारी करते हुए बड़ी संख्या में नजर आ रहे हैं। बाजार में हफ्ते पहले से ही लोहरी की धूम देखने को मिल रही है। दुकानों में मुंगफली गुड़, रेवड़ियां, तिल, गजक आदि के स्टॉल लग गए हैं। लोग भी लोहड़ी पर्व को लेकर काफी उत्साहित हैं और बाजार में जमकर खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में मुंगफली, गजक और मक्की के 200 ग्राम से लेकर एक किलो तक के अलग-अलग पैकेट तैयार किए गए हैं। वहीं शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़क के किनारे पर मूंगफली, गजक, रेवड़ियों की जबरदस्त बिक्री हो रही है। मौसम खराब होने के बाद ठंड बढ़ने से ब्रिकी में अधिक तेजी आई है। हालांकि बुधवार को ट्रांस्पोर्ट की हड़ताल के कारण होने वाले चक्के जाम की वजह से बाजार में मंगलवार के मुकाबले कम भीड़ रही।
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सप्ताह भर पहले शुरू होती है खरीदारी लोहड़ी के त्योहार को लेकर शहर में एक सप्ताह पूर्व ही खरीदारी शुरू हो जाती है। जिन परिवारों में नई शादियां हुई होती है या जिनके घरों में बच्चे का जन्म होता है, उनमें अपने रिश्तेदारों में लोहड़ी का त्योहार बांटने की परंपरा है। यहीं कारण है कि ऐसे परिवार एक सप्ताह पूर्व ही खरीदारी कर लोहड़ी बांटने का सिलसिला शुरू कर देते हैं। डुग्गर परपंरा के तहत नवविवाहित जोड़ों व छोटे बच्चों को लोहड़ी पर रेवड़ी, मुंगफली व मेवों से बने हार पहनाने का भी प्रचलन है। काफी संख्या में परिवार की महिलाएं स्वयं यह हार तैयार करती है लेकिन अब समय की कमी के चलते बाजारों में तैयार हार भी बिक्री के लिए उपलब्ध है। लोहड़ी पर्व पर इन हारों की भी अच्छी-खासी बिक्री होती है।
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 सामान              रेट मुंगफली - 100-120 रुपए किलो गजक (मुंगफली) -  40-50 रुपए की 250 ग्राम गजक (तिल)- 60- 80 रुपए की 250 ग्राम मक्की - 15-30 रुपए पैकेट बतासे- 60-80  रुपए किलो रेवड़ी - 80-120 पैकेट गुड़ और चीनी में हैं कई स्वाद दुकानदार सन्नी ने बताया कि लोहड़ी को लेकर बाजार में विभिन्न प्रकार की गजक उपलब्ध हैं। रेवड़ी गुड़ व चीनी दोनों में है। दुकानदार इस समय दिन-रात लोहड़ी का सामान तैयार करने में जुटे हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस साल भी लोहड़ी के सामान के रेट में ज्यादा गिरावट नहीं हुई है, जितनी हर साल रेट रहते हैं वहीं रेट हैं।
इसलिए मनाई जाती है लोहड़ी पारंपरिक तौर पर लोहड़ी फसल की बुवाई और कटाई से जुड़ा एक विशेष त्योहार है। इस अवसर पर पंजाब में नई फसल की पूजा करने की परंपरा है। इसके अलावा कई हिस्सों में माना जाता है यह त्योहार पूस की आखिरी रात और माघ की पहली सुबह की कड़क ठंड को कम करने के लिए मनाया जाता है।
लोहड़ी पर्व जुड़ी परंपराएं लोहड़ी के इस पावन अवसर के दिन अग्नि जलाने के बाद उसमें तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली चढ़ाई जाती हैं। वहीं इसके बाद सभी लोग अग्नि के गोल-गोल चक्कर लगाते हुए सुंदरिए-मुंदरिए हो, ओ आ गई लोहड़ी वे, जैसे पारंपरिक गीत गाते हुए ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते इस पावन पर्व को उल्लास के साथ मनाते हैं।
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