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अमरनाथ यात्रियों को मिलेंगी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, यात्रा पर जाने से पहले जान लें यह बातें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 26 Jun 2018 05:56 PM IST
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अमरनाथ मेडिकल कैंप
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अमरनाथ यात्रा के लिए रियासत के प्रवेशद्वार लखनपुर से लेकर पवित्र गुफा (कश्मीर) तक दर्जनों मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ, जेकेपी, एसएसबी और एनजीओ की सेवाएं ली जाएंगी। बेस कैंपों सहित अन्य महत्वपूर्ण केंद्रों पर आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बालटाल, चंदनबाड़ी, शेषनाग, पंजतरणी और पवित्र गुफा में बेस अस्पताल स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा दोमेल, बरारी मार्ग, संगम टाप, फ्रीस्लन, पिस्सू टाप, जोजीबाल, नागाकोटी, एमजी-टाप, पोष पथरी, रेलपत्री में मेडिकल एड सेंटर काम करेंगे।
चंदनबाड़ी से पिस्सू टाप, पिस्सू टाप से जोजीबाल, वावबाल से शेषनाग से आगे वेवबाल टाप, केलरनर, दर्दकोटे, संगम से पवित्र गुफा, रेलपत्री से रेल पत्री और बरारी मार्ग (लंगर साइट से पहले बरारी मार्ग) वाई जंक्शन, काली माता ट्रैक और संगम डाउन में इमरजेंसी एड सेंटर काम करते हैं। इसके अलावा अन्य रूट पर भी चिकित्सा कैंप स्थापित होंगे।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से बालटाल, चंदनबाड़ी, शेषनाग, पंजतरणी और पवित्र गुफा में बेस अस्पताल स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा दोमेल, बरारी मार्ग, संगम टाप, फ्रीस्लन, पिस्सू टाप, जोजीबाल, नागाकोटी, एमजी-टाप, पोष पथरी, रेलपत्री में मेडिकल एड सेंटर काम करेंगे।
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चंदनबाड़ी से पिस्सू टाप, पिस्सू टाप से जोजीबाल, वावबाल से शेषनाग से आगे वेवबाल टाप, केलरनर, दर्दकोटे, संगम से पवित्र गुफा, रेलपत्री से रेल पत्री और बरारी मार्ग (लंगर साइट से पहले बरारी मार्ग) वाई जंक्शन, काली माता ट्रैक और संगम डाउन में इमरजेंसी एड सेंटर काम करते हैं। इसके अलावा अन्य रूट पर भी चिकित्सा कैंप स्थापित होंगे।
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क्या करें
Amarnath Yatra
- फिट रहने के लिए यात्रा से कुछ दिन पूर्व प्रतिदिन 4-5 किमी. सुबह और शाम को सैर करें
- सामान से लदे घोड़ों/खच्चरों और कुलियों के साथ साथ रहें
- पहलगाम और बालटाल के बाद की यात्रा के दौरान बारिश से बचाव को सामान वाटरप्रूफ बैग में रखें
- आते जाते संपूर्ण यात्रा में कोई ऐसा काम न करें, जिससे वातावरण दूषित हो
- खाली पेट यात्रा न करें, इससे गंभीर चिकित्सक समस्याएं पैदा हो सकती हैं
- यात्रा के लिए पंजीकरण होना जरूरी
- तंदुरुस्त होकर ही यात्रा पर आएं
- प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था में यात्रा करें
- छड़ी, रेन कोट, छाता, टार्च, गर्म कपड़े और स्लीपिंग बैग आदि साथ में रखें
- अपनी शारीरिक क्षमता के मुताबिक ही योजना बनाकर पैदल सफर तय करें
- संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की जानकारी तुरंत सुरक्षाकर्मियों को दें
- पंजीकृत लेबर, खच्चर और पालकी वालों की सेवाएं लें
- समुद्र तल से हजारों फीट ऊपर जाने के लिए पूरी तरह से फिट रहें
- पहाड़ों पर यात्रा के लिए महिलाएं साड़ी के बजाय सलवार सूट या पैंट पहने
- सामान से लदे घोड़ों/खच्चरों और कुलियों के साथ साथ रहें
- पहलगाम और बालटाल के बाद की यात्रा के दौरान बारिश से बचाव को सामान वाटरप्रूफ बैग में रखें
- आते जाते संपूर्ण यात्रा में कोई ऐसा काम न करें, जिससे वातावरण दूषित हो
- खाली पेट यात्रा न करें, इससे गंभीर चिकित्सक समस्याएं पैदा हो सकती हैं
- यात्रा के लिए पंजीकरण होना जरूरी
- तंदुरुस्त होकर ही यात्रा पर आएं
- प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था में यात्रा करें
- छड़ी, रेन कोट, छाता, टार्च, गर्म कपड़े और स्लीपिंग बैग आदि साथ में रखें
- अपनी शारीरिक क्षमता के मुताबिक ही योजना बनाकर पैदल सफर तय करें
- संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की जानकारी तुरंत सुरक्षाकर्मियों को दें
- पंजीकृत लेबर, खच्चर और पालकी वालों की सेवाएं लें
- समुद्र तल से हजारों फीट ऊपर जाने के लिए पूरी तरह से फिट रहें
- पहाड़ों पर यात्रा के लिए महिलाएं साड़ी के बजाय सलवार सूट या पैंट पहने
क्या न करें
अमरनाथ यात्रा
- तय ट्रैक के बजाय शार्टकट रूट न अपनाएं
- चढ़ाई और तीव्र ढलानों पर चढ़ने से परहेज करें
- चेतावनी वाले स्थानों पर न रुकें और आगे बढ़ते रहें
- यात्रा के दौरान पालीथिन का इस्तेमाल वर्जित
- तय किए गए किराये से अधिक भुगतान न करें
- बोर्ड और प्रशासन के नियमों के मुताबिक ही यात्रा करें
- समय-समय पर यात्रा अधिकारी की ओर से दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करें
- चढ़ाई और तीव्र ढलानों पर चढ़ने से परहेज करें
- चेतावनी वाले स्थानों पर न रुकें और आगे बढ़ते रहें
- यात्रा के दौरान पालीथिन का इस्तेमाल वर्जित
- तय किए गए किराये से अधिक भुगतान न करें
- बोर्ड और प्रशासन के नियमों के मुताबिक ही यात्रा करें
- समय-समय पर यात्रा अधिकारी की ओर से दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करें
जरूरी सामान साथ लेकर यात्रा करें
AMARNATH YATRA 2017
- फोटो : File Photo
मेडिकल सहायता: पूरी यात्रा केरास्ते में जगह जगह चिकित्सा केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें डाक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ की पर्याप्त नियुक्ति होती है। फिर भी यात्रा पर आने वाले यात्री अपने साथ वह दवाइयां जरूर रखें जिनका वे नियमित सेवन करते हैं।
खाना: खाने का जरूरी सामान सरकार की ओर चंदनबाड़ी, शेषनाग और पंजतरणी में स्थापित दुकानों से जायज दामों पर मिलता है। लेकिन फिर भी श्रद्धालुओं को चाहिए कि वह अपने साथ बिस्कुट, टाफी, कैनड फूड आदि सामग्री जरूरी रखें।
कपड़े : अमरनाथ यात्रा के दौरान पारा नीचे रहता है। ऐसे में यात्रियों को अपने साथ सभी जरूरी सामान रखना चाहिए। वे अपने साथ ऊनी कपड़े, स्वेटर, मंकी कैप आदि लेकरचलें। इसके अलावा विंड चिटर, स्लीपिंग बैग, कंबल, छाता, रेल कोट, वाटरप्रूफ बूट, छड़ी, टार्च आदि भी रखें। महिलाएं सूट या पैंट रखें।
बीमा: पंजीकरण के साथ ही यात्रियों को बीमा कवर मिलता है। इसके अलावा यात्रा के जोखिम को देखते हुए श्रद्धालु यात्रा पर निकलने से अलग से बीमा करवा सकते हैं।
ठहरने का बंदोबस्त: यात्रा केदौरान राज्य सरकार और निजी संस्थाओं की ओर से टेंटों में रहने की सुविधा मुहैया करवाई जाती है जिसकेलिए बुकिंग बेस कैंपों से की जा सकती है।
खाना: खाने का जरूरी सामान सरकार की ओर चंदनबाड़ी, शेषनाग और पंजतरणी में स्थापित दुकानों से जायज दामों पर मिलता है। लेकिन फिर भी श्रद्धालुओं को चाहिए कि वह अपने साथ बिस्कुट, टाफी, कैनड फूड आदि सामग्री जरूरी रखें।
कपड़े : अमरनाथ यात्रा के दौरान पारा नीचे रहता है। ऐसे में यात्रियों को अपने साथ सभी जरूरी सामान रखना चाहिए। वे अपने साथ ऊनी कपड़े, स्वेटर, मंकी कैप आदि लेकरचलें। इसके अलावा विंड चिटर, स्लीपिंग बैग, कंबल, छाता, रेल कोट, वाटरप्रूफ बूट, छड़ी, टार्च आदि भी रखें। महिलाएं सूट या पैंट रखें।
बीमा: पंजीकरण के साथ ही यात्रियों को बीमा कवर मिलता है। इसके अलावा यात्रा के जोखिम को देखते हुए श्रद्धालु यात्रा पर निकलने से अलग से बीमा करवा सकते हैं।
ठहरने का बंदोबस्त: यात्रा केदौरान राज्य सरकार और निजी संस्थाओं की ओर से टेंटों में रहने की सुविधा मुहैया करवाई जाती है जिसकेलिए बुकिंग बेस कैंपों से की जा सकती है।