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माता रानी की भक्ति में डूबेगा शहर
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 21 Mar 2015 01:41 AM IST
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मंदिरों का शहर जम्मू शनिवार से चैत्र नवरात्र के साथ अगले नौ दिन के लिए महामाई के रंग में डूब जाएगा। मां के दरबार हाजिरी देकर सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी। नवरात्र के साथ बाजारों में खरीदारों की रौनक बढ़ने के साथ शुभ कार्यों का श्रीगणेश होगा।
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माता रानी के दरबार लाखों श्रद्धालु नतमस्तक होकर शांति की कामना करेंगे। इस बीच शुक्रवार को बावे वाली माता सहित अन्य मंदिरों में नवरात्र की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
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शहर के प्रमुख बावे वाली माता के मंदिर में शुक्रवार को सजावट और अन्य जरूरी इंतजामों को पूरा किया गया। मंदिर परिसर में की गई रोशनी की विशेष सजावट की सुंदरता देखते ही बन रही है। माता महाकाली ट्रस्ट के महंत बिट्टा के अनुसार भक्तों के लिए तड़के तीन बजे मां का दरबार खोला जाएगा। नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में भंडारा चलता रहेगा।
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बावे वाले मंदिर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित महामाया माता मंदिर में भी भक्तों की भीड़ पहुंचेगी। इसी तरह पुराने शहर के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के अलावा अन्य दूसरे मंदिरों में भी सजावट का काम पूरा किया गया। नगरोटा स्थित कोल कंडोली मंदिर में भी नवरात्र पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। बाग-ए-बाहु फोर्ट को भी सजाया गया है।
माता रानी का प्रसाद ग्रहण करेंगे भक्त चैत्र नवरात्र के शुरू होने के साथ ही शहर व आसपास के क्षेत्रों में महामाई के भंडारों का आयोजन शुरू हो जाएगा। व्रत सामग्री में आलू, दड़ेऊ, संगाड़े का आटा, बजरंग पंग, सियूल, समांक चावल, साबुदाना आदि का सेवन किया जाएगा।
चैत्र नवरात्र के शुरू होने के साथ ही पारंपरिक गुट्टे के फूलों की खपत बढ़ेगी। नवरात्र के दौरान रोजाना करीब 20-25 क्विंटल गुट्टे का फूल शहर और आसपास के मंदिरों में सप्लाई होता है। गुट्टे का फूल स्थानीय चक्क (अंब घरोटा), चल्लू चक्क, मिश्रीवाला, डब्बे (झिड़ी), विजयपुर, कानाचक्क इलाकों से पहुंचता है।