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मंडियों में लौटने लगी रौनक
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 28 Sep 2014 01:22 AM IST
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रियासत में आई बाढ़ के बाद से सूनी नजर आने वाली रियासत की सबसे बड़ी होलसेल मंडी वेयर हाउस में अब धीरे-धीरे रौनक लौटने लगी है। हालांकि अभी भी कश्मीर के बड़े हिस्से से व्यापारी यहां नहीं पहुंच रहे हैं, लेकिन कश्मीर संभाग के सीमावर्ती इलाकों से कारोबारियों का आना शुरू हो गया है।
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वेयर हाउस मंडी के व्यापारी कीर्ति गुप्ता का कहना है कि जम्मू संभाग के अलावा कश्मीर में आई बाढ़ के कारण पिछले 21-22 दिनों से व्यापारी मंडी में नहीं आ पा रहे थे, जिससे कारोबार नहीं के बराबर हो रहा था। जिन क्षेत्रों से बाढ़ का पानी घटने लगा है, वहां से व्यापारी आने शुरू हो गए हैं, लेकिन उनकी संख्या काफी कम है।
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उल्लेखनीय है कि जम्मू की होलसेल मंडियों का 40 फीसदी कारोबार कश्मीर घाटी में होता है। घाटी से कारोबार ठप होने का सबसे ज्यादा नुकसान जम्मू की फ्लोर और आयल मिल को हुआ है। जम्मू की मिलों का 70-75 फीसदी आटा, सूजी, मैदा और खाद्य तेल कश्मीर घाटी में खपता है।
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कश्मीर में बाढ़ से सबसे ज्यादा क्षति इन्हीं मिलों को हुआ है। जिनकी भारी भरकम कश्मीर घाटी में फंस गई है। अब उन्हें कश्मीर के कारोबारियों के फिर से कारोबार करने का इंतजार है।