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निर्माण कंपनियों के आगे डंपर मालिक बेबस
Jammu
Updated Tue, 22 Jul 2014 05:30 AM IST
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जम्मू। आल जेएंडके हाईवे डंपर्स आनर एसोसिएशन के बैनर तले रियासत के डंपर मालिक निर्माण कंपनियों की मनमानी के आगे बेबस हो गए हैं।
उनका आरोप है कि कंपनियों के संचालकों की ओर से कम भाड़े पर पंजाब से डंपर बुलाए जा रहे हैं, जिस कारण जेएंडके के डंपर मालिक बेकार बैठने को मजबूर हो गए हैं। यही नहीं, उन्होंने पंजाब के डंपरों को गैरकानूनी तरीके से रियासत में प्रवेश करने का आरोप भी जड़ा है। इसका खुलासा एसोसिएशन के प्रधान चरनजीत सिंह खालसा ने सोमवार को प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान किया।
उन्होंने बताया कि रियासत में 250 के करीब डंपर हैं। इनके सौ के करीब मालिक हैं लेकिन पिछले कुछ समय से राज्य में काम करने वाली निर्माण कंपनियां मनमानी कर रही हैं। पंजाब से कम भाड़े पर डंपर हायर करके उनके डंपर खड़े करवा दिए हैं, जबकि लाखों रुपये कर्ज लेकर उन्होंने डंपर निकलवाए हैं। उधर, बैंक की किश्त नहीं जाने से अधिकतर मालिक डिफाल्टरों की सूची में आ गए हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनियों की ओर से उन्हें जबरन क्षमता से ज्यादा टन तक सामान लोड करवाया जाता है, जो कि मोटर व्हीकल एक्ट के खिलाफ है। ओवर लोडिंग के चलते हादसों की संभावना बनी रहती है। कंपनियों ने उन्हें मासिक भाड़ा 1.93 लाख से कम करके 1.75 कर दिया है, जिससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा है।
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उन्होंने भाड़ा 2.5 लाख रुपये करने की मांग की है। इसके साथ ही गैर कानूनी तरीके से लखनपुर से रियासत में प्रवेश करने वाले डंपर संचालकों के खिलाफ आरटीओ से कार्रवाई की मांग भी की। इस मौके पर डंपर मालिक मंजीत सिंह, बिक्रम सिंह, चमन लाल, अरविंद्र सिंह, बलबीर सिंह, सतिंद्र सिंह और नरिंद्र सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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उनका आरोप है कि कंपनियों के संचालकों की ओर से कम भाड़े पर पंजाब से डंपर बुलाए जा रहे हैं, जिस कारण जेएंडके के डंपर मालिक बेकार बैठने को मजबूर हो गए हैं। यही नहीं, उन्होंने पंजाब के डंपरों को गैरकानूनी तरीके से रियासत में प्रवेश करने का आरोप भी जड़ा है। इसका खुलासा एसोसिएशन के प्रधान चरनजीत सिंह खालसा ने सोमवार को प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान किया।
उन्होंने बताया कि रियासत में 250 के करीब डंपर हैं। इनके सौ के करीब मालिक हैं लेकिन पिछले कुछ समय से राज्य में काम करने वाली निर्माण कंपनियां मनमानी कर रही हैं। पंजाब से कम भाड़े पर डंपर हायर करके उनके डंपर खड़े करवा दिए हैं, जबकि लाखों रुपये कर्ज लेकर उन्होंने डंपर निकलवाए हैं। उधर, बैंक की किश्त नहीं जाने से अधिकतर मालिक डिफाल्टरों की सूची में आ गए हैं।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनियों की ओर से उन्हें जबरन क्षमता से ज्यादा टन तक सामान लोड करवाया जाता है, जो कि मोटर व्हीकल एक्ट के खिलाफ है। ओवर लोडिंग के चलते हादसों की संभावना बनी रहती है। कंपनियों ने उन्हें मासिक भाड़ा 1.93 लाख से कम करके 1.75 कर दिया है, जिससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा है।
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उन्होंने भाड़ा 2.5 लाख रुपये करने की मांग की है। इसके साथ ही गैर कानूनी तरीके से लखनपुर से रियासत में प्रवेश करने वाले डंपर संचालकों के खिलाफ आरटीओ से कार्रवाई की मांग भी की। इस मौके पर डंपर मालिक मंजीत सिंह, बिक्रम सिंह, चमन लाल, अरविंद्र सिंह, बलबीर सिंह, सतिंद्र सिंह और नरिंद्र सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।