{"_id":"27-41171","slug":"Jammu-41171-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदी की रैली से कांग्रेस में हलचल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोदी की रैली से कांग्रेस में हलचल
Jammu
Updated Tue, 03 Dec 2013 05:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। भाजपा के पीएम इन वेटिंग की कामयाब ललकार रैली ने प्रदेश कांग्रेस खासकर जम्मू संभाग में हलचल पैदा कर दी। सोमवार को कांग्रेस विधायक दल के उप नेता मोहम्मद शरीफ नियाज की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी विधायकों और मंत्रियों ने बैठक में शिरकत की। चार घंटे तक चली इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज भी मौजूद थे। बैठक में राज्य के मौजूदा सियासी हालात के अलावा मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक में नरेंद्र मोदी को काउंटर करने की रणनीति के बाद नियाज और प्रो. सोज ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज ने साफ कर दिया कि लोकसभा चुनाव में नेशनल कान्फ्रेंस से गठबंधन का फैसला हाईकमान करेगा। नेकां के संरक्षक डा. फारूक अब्दुल्ला द्वारा राज्य के सभी लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशी खड़े करने की घोषणा पर प्रो. सोज ने कहा कि यह उनका दृष्टिकोण है। हम हाईकमान से बात करेंगे।
हाईकमान के निर्देश पर ही कोई रणनीति बनेगी। हमें नेकां के एलानों से कोई लेना-देना नहीं। सभी को मालूम है कि डा. अब्दुल्ला के भाई और विधायक मुस्तफा कमाल सुबह कुछ और शाम को कुछ और बोलते हैं।
विज्ञापन
संविधान के 73वें संशोधन के अहम प्रावधानों को लागू करने के मुद्दे पर मोहम्मद शरीफ नियाज और प्रो. सैफुद्दीन सोज के सुर आज एक सरीखे थे। पार्टी विधायकों और मंत्रियों की बैठक में साफ हो गया कि मोदी द्वारा पंचायतों को अधिकार नहीं दिए जाने पर मुद्दा उठाने का कांग्रेस के पास कोई जवाब नहीं है। लिहाजा बैठक में पंचायतों को जल्द अधिकार देने, यूपीए सरकार द्वारा बनाए गए भूमि अधिग्रहण और भोजन की गारंटी संबंधी कानूनों को जल्द राज्य में लागू किया जाए। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि कांग्रेस विधायक, मंत्री, पदाधिकारी और एमएलसी अवाम की बेहतरी के साथ पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। संविधान के 73वें संशोधन को लागू करने में देरी पर प्रो. सोज ने स्वीकार किया कि इसमें आमराय बनाने में समय लगा। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही राज्य कैबिनेट में इस पर कुछ फैसला हो जाएगा।
विज्ञापन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज ने साफ कर दिया कि लोकसभा चुनाव में नेशनल कान्फ्रेंस से गठबंधन का फैसला हाईकमान करेगा। नेकां के संरक्षक डा. फारूक अब्दुल्ला द्वारा राज्य के सभी लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशी खड़े करने की घोषणा पर प्रो. सोज ने कहा कि यह उनका दृष्टिकोण है। हम हाईकमान से बात करेंगे।
विज्ञापन
हाईकमान के निर्देश पर ही कोई रणनीति बनेगी। हमें नेकां के एलानों से कोई लेना-देना नहीं। सभी को मालूम है कि डा. अब्दुल्ला के भाई और विधायक मुस्तफा कमाल सुबह कुछ और शाम को कुछ और बोलते हैं।
विज्ञापन
संविधान के 73वें संशोधन के अहम प्रावधानों को लागू करने के मुद्दे पर मोहम्मद शरीफ नियाज और प्रो. सैफुद्दीन सोज के सुर आज एक सरीखे थे। पार्टी विधायकों और मंत्रियों की बैठक में साफ हो गया कि मोदी द्वारा पंचायतों को अधिकार नहीं दिए जाने पर मुद्दा उठाने का कांग्रेस के पास कोई जवाब नहीं है। लिहाजा बैठक में पंचायतों को जल्द अधिकार देने, यूपीए सरकार द्वारा बनाए गए भूमि अधिग्रहण और भोजन की गारंटी संबंधी कानूनों को जल्द राज्य में लागू किया जाए। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि कांग्रेस विधायक, मंत्री, पदाधिकारी और एमएलसी अवाम की बेहतरी के साथ पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। संविधान के 73वें संशोधन को लागू करने में देरी पर प्रो. सोज ने स्वीकार किया कि इसमें आमराय बनाने में समय लगा। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही राज्य कैबिनेट में इस पर कुछ फैसला हो जाएगा।