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जाति, धर्म के नाम पर राजनीति देश के लिए खतरा
Jammu
Updated Sun, 17 Nov 2013 05:43 AM IST
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जम्मू। भाजपा का नाम लिए बिना केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि चुनाव जीतने के मुद्दों को छोड़कर समाज को बांटने की राजनीति हो रही है। जाति और धर्म के नाम पर राजनीति को देश के लिए खतरनाक बताते हुए आजाद ने कहा कि देशवासियों को ऐसे संगठनों और तत्वों से सतर्क रहने की जरूरत है। आजाद ने ये शब्द शनिवार को जम्मू लायर्स की ओर से हरि निवास में आयोजित दीवाली, ईद, गुरु पर्व मिलन समारोह के दौरान व्यक्त किए।
आजाद ने कहा कि मुज्जफरनगर और किश्तवाड़ में हुई सांप्रदायिक हिंसा के पीछे ऐसी ही ताकतें हो सकती हैं। उन्होंने सांप्रदायिक हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि आतंकवाद के पीछे पाकिस्तान का हाथ है, यह साफ है और इसे रोका जा सकता है लेकिन सांप्रदायिक दंगों के पीछे तो समाज को बांटने वाली ताकते हैं और इनसे देश को सबसे ज्यादा खतरा है। उन्होंने सांप्रदायिकता को देश के समक्ष बड़ी बीमारी की संज्ञा देते हुए कहा कि सभी धर्मों को मानने वाले लोग समाज को बांटने वाली ताकतों को समझें और अगर सतर्क रहें तो ऐसे तत्वों से देश को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। जम्मू कश्मीर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां पर देश के अन्य हिस्सों से अलग परिस्थितियां हैं। यहां पर ज्यादातर वस्तुएं बाहरी राज्यों से पहुंचती हैं। बर्फबारी के चलते कई इलाके चार महीने विकास से दूर रहते हैं। आतंकवाद ने भी विकास को करारा झटका दिया है।
वहीं पत्रकारों की ओर से कांग्रेस और नेशनल कांफ्र्रेंस में आ रही दूरी और सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न पर जब उनकी राय मांगी तो उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
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आजाद ने कहा कि मुज्जफरनगर और किश्तवाड़ में हुई सांप्रदायिक हिंसा के पीछे ऐसी ही ताकतें हो सकती हैं। उन्होंने सांप्रदायिक हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि आतंकवाद के पीछे पाकिस्तान का हाथ है, यह साफ है और इसे रोका जा सकता है लेकिन सांप्रदायिक दंगों के पीछे तो समाज को बांटने वाली ताकते हैं और इनसे देश को सबसे ज्यादा खतरा है। उन्होंने सांप्रदायिकता को देश के समक्ष बड़ी बीमारी की संज्ञा देते हुए कहा कि सभी धर्मों को मानने वाले लोग समाज को बांटने वाली ताकतों को समझें और अगर सतर्क रहें तो ऐसे तत्वों से देश को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। जम्मू कश्मीर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां पर देश के अन्य हिस्सों से अलग परिस्थितियां हैं। यहां पर ज्यादातर वस्तुएं बाहरी राज्यों से पहुंचती हैं। बर्फबारी के चलते कई इलाके चार महीने विकास से दूर रहते हैं। आतंकवाद ने भी विकास को करारा झटका दिया है।
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वहीं पत्रकारों की ओर से कांग्रेस और नेशनल कांफ्र्रेंस में आ रही दूरी और सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न पर जब उनकी राय मांगी तो उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
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