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इन्फेंटरी दिवस मनाया
Jammu
Updated Mon, 28 Oct 2013 05:42 AM IST
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जम्मू। सेना की टाइगर डिवीजन और व्हाइट नाइट कोर ने 66वें इनफेंटरी दिवस का आयोजन किया। जम्मू कश्मीर के भारत में विलय के साथ ही इन्फेंटरी डिवीजन कश्मीर में पहुंची और दुश्मनों को इस पर कब्जा करने से रोका।
नगरोटा गेरीसन में व्हाइट नाइट कोर जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने पारंपरिक तरीके से इन्फेंटरी दिवस का आगाज किया। इस मौके पर बताया गया कि 66 साल पहले भारतीय इन्फेंटरी सबसे पहले कश्मीर पहुंची थी। दुश्मन सेना और कबायली कश्मीर के 30 किलोमीटर अंदर तक घुस चुके थे। बारामूला को मुक्त कराया गया। इन्फेंटरी डिवीजन की सिख रेजीमेंट की पहली बटालियन गुड़गांव में अंदरूनी हालात पर काबू करने के लिए तैनात थी। इस रेजीमेंट को 26 अक्तूबर 1947 को रवाना किया और 27 अक्तूबर सुबह पांच बजे रेजीमेंट कश्मीर पहुंच गई। दुश्मन सेना को खदेड़ कर जम्मू कश्मीर को सीमाओं की रक्षा की। नगरोटा में वार मेमोरियल अश्वमेघ शौर्य स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी गई। टाइगर डिवीजन ने भी टाइगर युद्ध स्मारक स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट की। टाइगर डिवीजन के जीओसी इनसी मेजर जनरल अश्विनी कुमार जम्मू सतवारी कैंट में इन्फेंटरी दिवस की शुरुआत की। इस मौके पर सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इन अधिकारियों ने बताया इन्फेंटरी डिवीजन सियाचिन ग्लेशियर से लेकर राजस्थान जैसे रेगिस्तान में सीमाओं की मजबूती से रक्षा कर रही है।
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नगरोटा गेरीसन में व्हाइट नाइट कोर जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने पारंपरिक तरीके से इन्फेंटरी दिवस का आगाज किया। इस मौके पर बताया गया कि 66 साल पहले भारतीय इन्फेंटरी सबसे पहले कश्मीर पहुंची थी। दुश्मन सेना और कबायली कश्मीर के 30 किलोमीटर अंदर तक घुस चुके थे। बारामूला को मुक्त कराया गया। इन्फेंटरी डिवीजन की सिख रेजीमेंट की पहली बटालियन गुड़गांव में अंदरूनी हालात पर काबू करने के लिए तैनात थी। इस रेजीमेंट को 26 अक्तूबर 1947 को रवाना किया और 27 अक्तूबर सुबह पांच बजे रेजीमेंट कश्मीर पहुंच गई। दुश्मन सेना को खदेड़ कर जम्मू कश्मीर को सीमाओं की रक्षा की। नगरोटा में वार मेमोरियल अश्वमेघ शौर्य स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी गई। टाइगर डिवीजन ने भी टाइगर युद्ध स्मारक स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट की। टाइगर डिवीजन के जीओसी इनसी मेजर जनरल अश्विनी कुमार जम्मू सतवारी कैंट में इन्फेंटरी दिवस की शुरुआत की। इस मौके पर सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इन अधिकारियों ने बताया इन्फेंटरी डिवीजन सियाचिन ग्लेशियर से लेकर राजस्थान जैसे रेगिस्तान में सीमाओं की मजबूती से रक्षा कर रही है।
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