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पेयजल किराया बढ़ाने पर कोर्ट ने नोटिस जारी किया
Jammu
Updated Tue, 09 Apr 2013 05:30 AM IST
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जम्मू। पीने के पानी का सालाना किराया पीएचई विभाग की ओर से 360 रुपये प्रति कनेक्शन से बढ़ाकर 920 रुपये करने के फैसले के खिलाफ जनहित याचिका पर हाई कोर्ट की खंडपीठ ने पीएचई विभाग के माध्यम से सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब पेश करने का नोटिस जारी किया है।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और जस्टिस डीएस ठाकुर पर आधारित खंडपीठ के समक्ष सतपाल राठौर ने समीक्षा जनहित याचिका में कहा गया है कि पानी का किराया 360 रुपये से बढ़ाकर 920 रुपये करने के पीछे कोई कारण नहीं है। सरकार मनमाने तरीके से अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकती। 100 लीटर पर कैपिटा डेली के हिसाब से पानी आपूर्ति करने की बात कही गई है, जबकि जम्मू कश्मीर रियासत में अपने नागरिकों को मुफ्त पानी की सर्प्लाई करने की संस्कृति रही है। यहां पर सड़कों के किनारे श्रमिकों और अन्य प्यासे लोगों के लिए छबीलें लगाई जाती रही है।
इस याचिका पर खंडपीठ ने पीएचई विभाग के आयुक्त सचिव, चीफ इंजीनियर और्र एईई के माध्यम से सरकार को चार सप्ताह में अपना जवाब पेश करने को नोटिस जारी किया है। जेएनएफ
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हाईकोर्ट के न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और जस्टिस डीएस ठाकुर पर आधारित खंडपीठ के समक्ष सतपाल राठौर ने समीक्षा जनहित याचिका में कहा गया है कि पानी का किराया 360 रुपये से बढ़ाकर 920 रुपये करने के पीछे कोई कारण नहीं है। सरकार मनमाने तरीके से अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकती। 100 लीटर पर कैपिटा डेली के हिसाब से पानी आपूर्ति करने की बात कही गई है, जबकि जम्मू कश्मीर रियासत में अपने नागरिकों को मुफ्त पानी की सर्प्लाई करने की संस्कृति रही है। यहां पर सड़कों के किनारे श्रमिकों और अन्य प्यासे लोगों के लिए छबीलें लगाई जाती रही है।
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इस याचिका पर खंडपीठ ने पीएचई विभाग के आयुक्त सचिव, चीफ इंजीनियर और्र एईई के माध्यम से सरकार को चार सप्ताह में अपना जवाब पेश करने को नोटिस जारी किया है। जेएनएफ
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