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कला केंद्र में आधुनिक तकनीक सीखेंगे बुनकर
Jammu
Updated Sat, 30 Mar 2013 05:32 AM IST
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जम्मू। कला केंद्र में श्रीनगर के बुनकर सेवा केंद्र और केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय के सहयोग से पांच दिवसीय बुनकर तकनीक की राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का आगाज शुक्रवार को हुआ। प्रदर्शनी में जम्मू संभाग के बुनकरों को नई और आधुनिक तकनीकों के बारे में बताया जाएगा, जिससे उनके हथकरघा व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। प्रदर्शनी में अन्य राज्यों से आए बुनकर अपनी नई तकनीक के बारे में बुनकरों को जानकारी देंगे। प्रदर्शनी का उद्घाटन हाउसिंग, बागवानी एवं संस्कृति मंत्री रमण भल्ला ने किया। कार्यक्रम में कलाकारों ने लोक नृत्यों के द्वारा प्रदर्शनी में आए हुए लोगों का मनोरंजन भी किया। कार्यक्रम में हथकरघा विभाग के एडिशनल डेवलेपमेंट कमिश्नर एमसी गुप्ता और जेएंडके इंडस्ट्री एवं कामर्स विभाग के कमिश्नर शांतमनु भी उपस्थित थे।
प्रदर्शनी में दिल्ली से आए नानक चंद ने बताया कि वह दिल्ली से डबल डेकर शेडिंग एंड पिकिंग मशीन लाए हैं, जिसमें वह मोटी दरी बनाने के बारे में बुनकरों को अवगत कराएंगे। नानक चंद ने बताया कि प्रदर्शनी में सालेम का फ्रेम लूम लगाया गया है, जिसमें एक ही समय में दो कपड़ों को तैयार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पहले एक ही लूम में एक ही कपड़ा निकलता था, लेकिन इस नये लूम पर एक ही समय में दो कपड़ों को बनाया जा सकता है। प्रदर्शनी में कश्मीर के स्कास्ट के द्वारा पशमीना शाल के धागे बनाने के लिए नए चरखे को लगाया गया है, जिसका नाम टेबल टाप पैडल आपरेटड चरखा रखा गया है। स्कास्ट की रिसर्च एसोसिएट इशरत ने बताया, पहले चरखे में धागे को कातने में काफी समय बर्बाद हो जाता था लेकिन इस नई तकनीक के साथ बनाये गये चरखे के द्वारा कम समय में धागे को तैयार किया जा सकता है। साथ ही धागे बनाने वाले कारीगर को ज्यादा जहमत नहीं उठानी पडे़गी।
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प्रदर्शनी में दिल्ली से आए नानक चंद ने बताया कि वह दिल्ली से डबल डेकर शेडिंग एंड पिकिंग मशीन लाए हैं, जिसमें वह मोटी दरी बनाने के बारे में बुनकरों को अवगत कराएंगे। नानक चंद ने बताया कि प्रदर्शनी में सालेम का फ्रेम लूम लगाया गया है, जिसमें एक ही समय में दो कपड़ों को तैयार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पहले एक ही लूम में एक ही कपड़ा निकलता था, लेकिन इस नये लूम पर एक ही समय में दो कपड़ों को बनाया जा सकता है। प्रदर्शनी में कश्मीर के स्कास्ट के द्वारा पशमीना शाल के धागे बनाने के लिए नए चरखे को लगाया गया है, जिसका नाम टेबल टाप पैडल आपरेटड चरखा रखा गया है। स्कास्ट की रिसर्च एसोसिएट इशरत ने बताया, पहले चरखे में धागे को कातने में काफी समय बर्बाद हो जाता था लेकिन इस नई तकनीक के साथ बनाये गये चरखे के द्वारा कम समय में धागे को तैयार किया जा सकता है। साथ ही धागे बनाने वाले कारीगर को ज्यादा जहमत नहीं उठानी पडे़गी।
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