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एलआईसी मैनेजर और अन्य को एक साल कैद
Jammu
Updated Fri, 15 Feb 2013 05:31 AM IST
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जम्मू। भ्रष्टाचार निरोधक विशेष अदालत ने भारतीय बीमा निगम के डीओ सैल के तत्कालीन मैनेजर (क्लेम) पीएन कौल निवासी एमआईजी फ्लैट मयूर विहार फेस तीन दिल्ली, उर्मिला देवी अस्थाई पता हेमंत सिंह निवास वार्ड नंबर पांच छत्तरी का पुरा सुभाष नगर मोरेना मध्य प्रदेश और हायर ग्रेड असिस्टेंट एलआईसी ब्रांच आफिस कठुआ परम सतबीर सिंह निवासी वार्ड नंबर एक कठुआ भ्रष्टाचार के मामले मेें एक साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सीबीआई केस के अनुसार सभी दोषियों ने साजिश रचकर कठुआ के एक व्यक्ति पूर्ण सिंह के नाम पर एलआईसी की पालिसी ली। असलियत में पूर्ण सिंह नाम का कोई व्यक्ति ही मौजूद नहीं था। कुछ समय बाद 28 मई 1998 को एक लाख दो हजार 530 रुपये का फर्जी बीमा क्लेम उर्मिला देवी के नाम पर जारी किया गया। बीमा अधिकारियों को बताया गया कि पूर्ण सिंह की मौत हो गई है और उसका फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र पेश किया। प्रमाण पत्र में सेना का हवाला दिया गया। सेना ने बताया कि पूर्ण सिंह की मौत 22 अक्तूबर 1998 को एक बम ब्लास्ट में हो गई। पूर्ण सिंह के नाम के बीमा का प्रस्ताव एलआईसी एजेंट स्वर्ण सिंह ने दाखिल कराया था। इस फर्जी प्रस्ताव में पूर्ण सिंह को मध्य प्रदेश का निवासी बताया गया और उसकी मां उर्मिला देवी को दावेदार नामांकित किया गया। बीमा 50 हजार रुपये राशि का था। सीबीआई के पीसी एसके भट की दलीलों के बाद विशेष अदालत के न्यायाधीश बीएल भट ने पाया कि मौजूदा केस मेें उक्त सभी दोषियों पर लगे आरोप साबित हुए हैं और तीनों को एक साल कैद और पचास हजार जुर्माना किया। जेएनएफ
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