{"_id":"27-28387","slug":"Jammu-28387-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"पच्चीस लाख का लालच देकर 80 हजार ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पच्चीस लाख का लालच देकर 80 हजार ठगे
Jammu
Updated Fri, 25 Jan 2013 05:31 AM IST
विज्ञापन
जम्मू। लकी मोबाइल नंबर के तौर पर 25 लाख रुपये इनाम देने का लालच देकर ठगों ने एक व्यक्ति से 80 हजार रुपये ठग लिए। शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच जम्मू ने तहकीकात की और जिन मोबाइल फोन से पीड़ित की बात हुई थी, उनके मालिकों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, राजोरी जिला के नौशेरा निवासी चमनलाल ने शिकायत की कि उन्हें एक फोन आया और बताया गया कि उनके मोबाइल नंबर को 25 लाख के अवार्ड के लिया चुना गया है। उसके बाद उन्होंने दूसरा नंबर दिया। उस नंबर पर संपर्क करने पर उसे बताया गया कि सिक्योरिटी के रूप में 19,700 रुपये जमा करने होंगे। इसके लिए उसे स्टेट बैंक आफ इंडिया का अकाउंट नंबर भी दिया गया।
उसने उक्त अकाउंट में पैसे जमा करवा दिए। इसके बाद उसे एक और फोन आया कि स्टेट टैक्स और डोक्यूमेंट चार्जेज के रूप में उसे राशि जमा करवानी होगी। इस तरह उसने कुल 79,700 रुपये जमा करवा दिए।
विज्ञापन
शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने मोबाइल नंबरों की जांच की तो वे इंटरनेशनल वीओआईपी नंबर पाए गए। जांच में पता चला कि जिन मोबाइल नंबरों से फोन आए थे, वे जुगल किशोर (शास्त्री नगर, बलिअंट खुर्दा, ओडिशा), संदीप कुमार (साहेबगंज, बिहार) और अरातूथोडिका (वकालकुलम, केरल) के निवासियों के थे।
क्राइम ब्रांच ने तीनों के खिलाफ आरपीसी की धारा 420, 465, 466, 467, 468, 471, 120-बी के तहत मामला दर्ज कर लिया। साथ ही मामले की जांच चल रही है।
विज्ञापन
क्राइम ब्रांच के अनुसार, राजोरी जिला के नौशेरा निवासी चमनलाल ने शिकायत की कि उन्हें एक फोन आया और बताया गया कि उनके मोबाइल नंबर को 25 लाख के अवार्ड के लिया चुना गया है। उसके बाद उन्होंने दूसरा नंबर दिया। उस नंबर पर संपर्क करने पर उसे बताया गया कि सिक्योरिटी के रूप में 19,700 रुपये जमा करने होंगे। इसके लिए उसे स्टेट बैंक आफ इंडिया का अकाउंट नंबर भी दिया गया।
विज्ञापन
उसने उक्त अकाउंट में पैसे जमा करवा दिए। इसके बाद उसे एक और फोन आया कि स्टेट टैक्स और डोक्यूमेंट चार्जेज के रूप में उसे राशि जमा करवानी होगी। इस तरह उसने कुल 79,700 रुपये जमा करवा दिए।
विज्ञापन
शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने मोबाइल नंबरों की जांच की तो वे इंटरनेशनल वीओआईपी नंबर पाए गए। जांच में पता चला कि जिन मोबाइल नंबरों से फोन आए थे, वे जुगल किशोर (शास्त्री नगर, बलिअंट खुर्दा, ओडिशा), संदीप कुमार (साहेबगंज, बिहार) और अरातूथोडिका (वकालकुलम, केरल) के निवासियों के थे।
क्राइम ब्रांच ने तीनों के खिलाफ आरपीसी की धारा 420, 465, 466, 467, 468, 471, 120-बी के तहत मामला दर्ज कर लिया। साथ ही मामले की जांच चल रही है।