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अपहरण कांंड में सिट बनाने का निर्देश
Jammu
Updated Sat, 05 Jan 2013 05:30 AM IST
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जम्मू। नाबालिग लड़की के अपहरण के एक मामले में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस हसनैन मसूदी ने एसएसपी जम्मू को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच कर रहे वर्तमान जांच अधिकारी से जांच वापस ली जाए। साथ ही इस मामले में एक स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (सिट) बनाई जाए, जिसका नेतृत्व डीएसपी हेडक्वार्टर जम्मू करें। साथ ही एसएसपी को कहा कि वे खुद इस मामले पर नजर रखें, ताकि अपहरण की गई लड़की जल्द से जल्द बरामद हो सके। अदालत ने सिट को आदेश दिए कि वह मुस्तैदी से मामले की जांच कर एक माह के अंदर परिणाम निकाले।
लड़की के पिता और याचिकाकर्ता का कहना है कि 25 जून 2012 से उनकी 17 साल की बेटी लापता है। घटना के तुरंत बाद उन्होंने अखनूर पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। 27 जून को लड़की के पिता को पता चला कि उसकी बेटी का अपहरण अखनूर पुलिस स्टेशन में तैनात कांस्टेबल सुरेश कुमार ने किया है। साथ ही उसकी मदद अश्विनी कुमार उर्फ पोली और उसकी पत्नी संतोष कुमार ने किया है।
उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को भी दी। लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि अखनूर थाना के एसएचओ ने केस दर्ज करने से इंकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने न्यायिक दंडाधिकारी अखनूर के समक्ष आवेदन किया और उनके निर्देश पर अखनूर थाना ने 15 अक्तूबर 2012 को आरपीसी की धारा 363/364/34 के तहत मामला दर्ज किया।
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याचिकाकर्ता की शिकायत है कि जांच अधिकारी मामले की जांच गंभीरता और सही तरीके से नहीं कर रहा है। साथ ही उनकी नाबालिग बेटी की खोज करने में कोई प्रयास नहीं किए जा रहे। इसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
याचिकाकर्ता के वकील सुनील मल्होत्रा और सीनियर एएजी गगन बसोत्रा की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने एसएसपी जम्मू को सिट बनाकर मामले की जांच करने को कहा। जेएनएफ
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लड़की के पिता और याचिकाकर्ता का कहना है कि 25 जून 2012 से उनकी 17 साल की बेटी लापता है। घटना के तुरंत बाद उन्होंने अखनूर पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। 27 जून को लड़की के पिता को पता चला कि उसकी बेटी का अपहरण अखनूर पुलिस स्टेशन में तैनात कांस्टेबल सुरेश कुमार ने किया है। साथ ही उसकी मदद अश्विनी कुमार उर्फ पोली और उसकी पत्नी संतोष कुमार ने किया है।
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उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को भी दी। लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि अखनूर थाना के एसएचओ ने केस दर्ज करने से इंकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने न्यायिक दंडाधिकारी अखनूर के समक्ष आवेदन किया और उनके निर्देश पर अखनूर थाना ने 15 अक्तूबर 2012 को आरपीसी की धारा 363/364/34 के तहत मामला दर्ज किया।
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याचिकाकर्ता की शिकायत है कि जांच अधिकारी मामले की जांच गंभीरता और सही तरीके से नहीं कर रहा है। साथ ही उनकी नाबालिग बेटी की खोज करने में कोई प्रयास नहीं किए जा रहे। इसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
याचिकाकर्ता के वकील सुनील मल्होत्रा और सीनियर एएजी गगन बसोत्रा की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने एसएसपी जम्मू को सिट बनाकर मामले की जांच करने को कहा। जेएनएफ