बिलावर। बिलावर के दूर दराज मल्हार सहित सैंकड़ों गांव को सड़क संपर्क से जोड़ने वाले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का एक हिस्सा इन दिनों बुरी तरह से धंस रहा है। बिलावर कटली मार्ग पर पिछले लगभग पांच दिनों से जारी भूस्खलन के बाद इस सड़क से जुड़ने वाले सैंकड़ों गांव पूरी तरह से कटे हुए हैं। हालात यह हैं कि कोरोना महामारी से बचने के लिए जहां लॉकडाउन है वहीं इस इलाके में राशन से लेकर अन्य जरूरी सामान की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है। भूस्खलन वाले क्षेत्र के मुहाने पर आए आठ घरों को प्रशासन ने बीते दिनों ही खाली करवा दिया था जिसके बाद इन परिवारों के सदस्या रिश्तेदारों या फिर सामुदायिक भवन में शरण लिए हुए हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बन रही इस सड़क को बहाल करना विभाग के लिए भी चुनौती बन गया है। एक ओर ग्रामीण जहां मुआवजा दिए जाने के बाद ही सड़क का काम शुरू करवाने पर अड़े हैं तो वहीं विभाग के लिए दूसरी बड़ी चुनौती यह भी है कि लगातार हो रहे भूस्खलन में यदि काम शुरू किया जाता है तो एक बड़े इलाके के धंसने का खतरा मंडरा रहा है। कटली क्षेत्र के इस इलाके में आठ घर भूस्खलन के मुहाने पर खड़े हैं जहां मिट्टी का पूरा पहाड़ ही खिसकता जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह सड़क नलेऊ, मल्हार, पलेई, च्यू, मढून आदि के सैंकड़ों गांव को जोड़ती है। कुछ दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश के बाद एकाएक पहाड़ धंसना शुरू हो गया है। जिसके चलते यातायात ठप है। ............ अधिकारी ने किया दौरा, ग्रामीणों ने कहा पहले हो नुकसान का आकलन और मुआवजा शनिवार को बिलावर पीएमजीएसवाई के कार्यकारी अभियंता जोगिंदर सराफ ने भी सड़क को बहाल करने के लिए साइट का निरीक्षण किया। लेकिन स्थानीय लोगों ने सड़क की मरम्मत का काम ना करने का हवाला देते हुए कहा कि जब तक प्रभावित लोगों को मुआवजा नहीं दिया जाता और उनके लिए सरकार कोई रहने का उचित प्रबंध नहीं करती तब तक काम लगने नहीं दिया जाएगा। नायब सरपंच संजय कुमार, पुरुषोत्तम लाल, देवेंद्र और पुनू राम ने अधिकारी से मांग की कि जब तक भूस्खलन से प्रभावित हुए परिवारों को मुआवजा नहीं देंगे वह सड़क की मरम्मत का काम शुरू नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि पहाड़ी में एक तरफ से पूरी तरह दरारें आ चुकी है और 8 परिवार इससे प्रभावित हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द उनके नुकसान का आकलन किया जाएं और उन्हें मुआवजा दिया जाए । पीएमजीएसवाई के अधिकारी ने बताया कि सोमवार को वह तहसीलदार बिलावर के साथ एक बार फिर मौके पर जाएंगे। तक्नीकी राय के बाद काम शुरू करने की कोशिश की जाएगी लेकिन इसके लिए जिस जगह भूस्खलन जारी है वहां से सड़क का डायवर्ट करना होगा जिसमें समय लगना तय है। उधर पिछले 6 दिनों से सड़क पर यातायात ना चलने के कारण मल्हार लोहाई मल्हार मडुन मलाड और अन्य के दर्जनों गांवों में राशन की सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है जिससे लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। इलाके में राशन नहीं पहुंच पा रहा है। टीएसओ बिलावर हंसराज ने बताया कि जहां तक यातायात बहाल है, उस जगह ताकत खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से चार ट्रक राशन के भेजे गए हैं और राशन वहां पर डंप किया गया है लेकिन यातायात बहाल न होने की वजह से दिक्कतें आ रही है। खच्चरों और घोड़ों के माध्यम से दूरदराज इलाकों में राशन पहुंचाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है लेकिन दूरदराज इलाका होने के कारण घोड़े और खच्चर भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।