तुर्की में 42 पत्रकार गिरफ्तार, सैनिकों का साथ देने का शक
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तुर्की में हुए सैन्य तख्ता पलट की नाकाम कोशिश के बाद तख्तापलट की कोशिश में लगे संदिग्ध लोगों पर तुर्की सरकार शिकंजा कसती जा रही है। सरकार ने 42 विदेशी पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है।
मिंट के अनुसार, बड़ी संख्या में हुई पत्रकारों की यह गिरफ्तारी एक सप्ताह पहले हुई तख्ता पलट की नाकाम कोशिश के संदर्भ में की गई है। कहा जा रहा है कि तख्ता पटल कराने के पीछे पश्चिमी देशों का हाथ था। इस्तांबुल के एनटीवी ने पत्रकारों के गिरफ्तारी की खबर की पुष्टि की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि तख्ता पलट की नाकाम कोशिश को तुर्की प्रशासन ने जिस तरह से कुचला है उससे दक्षिणपंथी लोग और पश्चिमी देश चिंतित हैं। 15-16 जुलाई को हुई तख्ता पलट की कोशिश के बाद संदिग्ध अधिकारियों, जजों और सैनिकों को बर्खास्त कर दिया गया है।
दोषियों को दी जा सकती है फांसी
एक टीवी चैनल पर दिए गए साक्षात्कार में एक सवाल का जवाब देते हुए तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो फिर से मौत के कानून को मंजूरी दी जाएगी। ध्यान रहे कि यूरोपीय देशों के प्रभाव में तुर्की ने 2004 से फांसी की सजा देना बंद कर दिया था।
यूरोपीय यूनियन के साथ बने रहने के जवाब में उन्होंने कहा कि तुर्की अभी जिस में हाल में है उसमें किसी भी संगठन का सदस्य नहीं रहेगा।
उन्होंने लोगों की डिमांड बताते हुए कहा कि देश के लोग फांसी की सजा का कानून चाहते हैं और हम ज्यादा दिन तक उनकी इच्छा का अनदेखा नहीं कर सकते।