फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Crime ›   girl arrested for attempt to murder of boyfriend

'ऑनलाइन हीरो' को देख युवती में जागा 'शैतान', एक छात्रा पर 19 हमले 

Thu, 24 Aug 2017 03:54 PM IST
amarujala.com, Presented By: विकास जांगड़ा
amarujala.com, Presented By: विकास जांगड़ा Updated Thu, 24 Aug 2017 03:54 PM IST
विज्ञापन
girl arrested for attempt to murder of boyfriend
आरोपी युवती - फोटो : द सन
काल्पनिक ऑनलाइन कैरेक्टर ने एक 15 साल की युवती को हमलावर बना डाला। ऐसा क्या हुआ जो उसने सहपाठी छात्रा पर एक साथ 19 वार क‌िए।
विज्ञापन


मामला विस्कॉन्सिन के वूक्साहा का है। मामले में 15 साल की एनासा वीयर को हत्या के प्रयास का दोषी ठहराया गया है। आरोपी के खिलाफ दायर याचिका के तहत, वेयर को अगले महीने की सुनवाई के समापन पर 10 साल की जेल की सजा सुनाई जा सकती है।

आरोपी लड़की ने पहले 2014 में पेटोन लेउटर नाम के सहपाठी पर भी जानलेवा हत्या का प्रयास किया था।  यदि न्यायाधीश निर्धारित करता है कि वीयर मानसिक रूप से सक्षम नहीं था, तो उसे तीन साल तक एक मानसिक अस्पताल में रखा जाएगा। 
विज्ञापन

अभियोजकों का आरोप है कि 31 मई 2014 को वीयर और मॉर्गन गीजर दोनों ने 12 साल की पेटन ल्यूटनर को एक स्थानीय पार्क में अकेला पाकर बार हमला किया था। और, पेटन को मरने के लिए छोड़ दिया गया था, लेकिन रास्ते में जा रहे एक बाइक सवार ने उसे देखा और 911 को कॉल किया।

वीयर और गीजर पर ऐसे 15 आरोप और लगे हैं जिसमें उसने 'स्लैन्डमैन' चरित्र के नाम पर लोगों के साथ छेड़छाड़ किया। आरोपी लड़कियों ने कहा कि उन्होंने 'स्लैन्डमैन' से मिलने के लिए सैकड़ों मील चलने की योजना बनाई थी।

गीजर के माता-पिता के अनुसार गीजर को शुरुआत में सिज़ोफ्रेनिया नाम की बीमारी थी जिसका बाद में निदान किया गया था। लेकिन वेयर का कोई मानसिक बीमारी होने का इतिहास नहीं मिला है।

तीन साल पहले बेटी पर हो चुका है हमला

पीड़ित पेटटन के परिवार की ओर से दिए गए बयान में कहा गया है कि, तीन साल पहले हमारी बेटी पर उसके दो सहपाठियों ने बेरहमी से हमला कर दिया था, जिन्होंने हमारी बेटी को मारने के प्रयास की पहले से योजना बनाई थी।

पेटोन और हमारे परिवार के लिए इन तीन सालों का अनुभव शारीरिक और भावनात्मक रूप से बहुत मुश्किल रहा है। आज की याचिका समझौते को स्वीकार करने के हमारे फैसले में पैरामाउंट यह है कि पेटन की गवाही दिए बिना इसे बंद कर दिया गया है और इस भयानक घटना को पुनः उठाने के लिए मजबूर किया जा सकता है।

बयान में कहा गया है कि, हालांकि, हम उन हमलावरों को दंडित करने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं, क्योंकि हमें मौजूदा कानून की सीमा में काम करने के लिए मजबूर किया जाता है । अंततः, हमारा निर्णय यही है कि हमारी सुंदर और आश्चर्यजनक बहादुर बेटी, पेटन के लिए जो सबसे अच्छा है वो किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed