साख पर दाग भले लगे लेकिन अविश्वास प्रस्ताव से नहीं डरेगी BJP
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अब देखना दिलचस्प होगा कि नोटबंदी, जीएसटी और बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों पर घिरती जा रही केंद्र सरकार अविश्वास प्रस्ताव से तो बच जाएगी लेकिन जनता की अदालत से खुद को कैसे बचाती है। इस पूरे मामले को बारीकी से देख रहे राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सदन में मोदी सरकार पर कोई असर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है। क्योंकि दोनों ही सदन में BJP मजबूत स्थिति में बनी हुई है।
उल्लेखनीय है कि 536 सदस्यीय लोकसभा में बीजेपी के 274 सदस्य हैं जबकि सहयोगी दलों के सदस्यों की संख्या 56 है। बहुमत के लिए 272 सीटों की जरूरत होती है, जो भाजपा के पास है। इसका मतलब है कि अविश्वास प्रस्ताव को गिरना ही है।
विपक्ष को 2019 से पहले मिल सकता है यह मौका
यूपी उपचुनाव में जिस तरह से 25 साल बाद समाजवादी-बहुजन समाज पार्टी ने हाथ मिलाया है, उससे अब लगने लगा है कि विपक्षी दल अविश्वास प्रस्ताव को लेकर एकजुट हो सकते हैं। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से सदन में विपक्षी एकता दिखाने का यह बेहतरीन मौका साबित हो सकता है। मायावती कह चुकी हैं कि वह बीजेपी से कीमत पूरी वसूलेंगी उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी समय से पहले चुनाव करने पर विचार कर रही है।
एसपी ने 23 मार्च को होने वाले लोहिया जयंती के लिए माया को बुलावा भेजा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और एनसीपी मुखिया शरद पवार के बीच भी मुलाकात हो चुकी है।
लोकसभा -राज्यसभा में BJP की स्थिति
भारतीय जनता पार्टी - 272 + 1 (लोकसभा अध्यक्ष), कांग्रेस - 48, एआइडीएमके - 37, तृणमूल कांग्रेस - 34, बीजेडी - 20, शिवसेना - 18, टीडीपी - 16, टीआरएस - 11, सीपीआई (एम) - 9, वाईएसआर कांग्रेस - 9, समाजवादी पार्टी - 7 वहीं 26 अन्य पार्टियों के 58 सांसद भी शामिल हैं। जबकि 5 सीटें अभी भी खाली हैं।
राज्यसभा में बीजेपी की स्थिति
राज्यसभा के 245 सदस्यों में से मौजूदा समय में बीजेपी के पास सिर्फ 57 सदस्य और कांग्रेस के 57 हैं। वहीं आगामी अप्रैल में होने वाले राज्यसभा चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ा दल बनकर उभरेगा। इस साल बीजेपी के राज्यसभा सदस्यों की संख्या 57 से बढ़कर कम से कम 67 हो जाएगी। जबकि कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 57 से घटकर 48 हो जाएगी।
बता दें कि मौजूदा समय राज्यसभा में एनडीए के 87 सांसद हैं। इसमें से बीजेपी के 57, टीडीपी के 6, शिवसेना के 3, शिरोमणि अकाली दल के 3, 7 जनता दल (यू), पीडीपी के 2 सांसद शामिल हैं। इसके अलावा सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के 4 सांसद हैं।
अभी एनडीए के मुकाबले यूपीए के राज्यसभा में सांसदों की संख्या अधिक है। कांग्रेस के 57, डीएमके के 4, आरजेडी के 3, और अन्य पार्टियों को मिलाकर यह संख्या कुल 84 पहुंचती है। इसके अलावा अन्य पार्टियों के 82 सांसद राज्यसभा में हैं।