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Telangana: वाईएस शर्मिला ने केसीआर को भेजा खराब फसलों से लदा ट्रक, कहा- CM को नींद से उठाने की कोशिश
Wed, 03 May 2023 10:30 AM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Wed, 03 May 2023 10:30 AM IST
सार
शर्मिला ने कहा कि हाल ही में हुई बारिश से किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार अच्छी फसल उगेगी, लेकिन बड़ा झटका लगा है।
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वाईएस शर्मिला खराब फसल दिखातीं।
- फोटो : वाईएस शर्मिला
विस्तार
वाईएसआर तेलंगाना पार्टी की नेता वाईएस शर्मिला ने मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को नींद से जगने को कहा है। उन्होंने कई जिलों में बेमौसम बारिश के कारण किसानों को हुए नुकसान की ओर ध्यान दिलाने के लिए राव को क्षतिग्रस्त फसलों से लदा एक ट्रक भी भेजा है।
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चुनावी वर्ष में तो नेता नींद से उठें
शर्मिला ने कहा कि हाल ही में हुई बारिश से किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार अच्छी फसल उगेगी, लेकिन बड़ा झटका लगा है। नेता ने मीडिया को ट्रक दिखाते हुए कहा कि केसीआर को क्षतिग्रस्त फसल का ट्रक इसलिए भेजा जा रहा है ताकि कम से कम चुनावी वर्ष के दौरान तो वह गहरी नींद से जाग सकें। साथ ही किसानों को उचित मुआवजा दे सकें।
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రైతులు నష్టపోయిన పంటతో నిండిన ఈ ట్రక్ KCRకు గిఫ్ట్ గా పంపిస్తున్నాం.ఈ ట్రక్ లో ఉన్నది నష్టపోయిన పంట మాత్రమే కాదు..రైతుల కన్నీరు.పుస్తెలు కుదవపెట్టి పంట పండిస్తే రైతుకు మిగిలింది ఇది.ఈ ట్రక్ మీ కొత్త సచివాలయం ముందు పెట్టుకోండి..మీకు అప్పుడైనా రైతులకు సాయం చేయాలన్న సోయి వస్తుందేమో. pic.twitter.com/kBeXm86c8B
विज्ञापन विज्ञापन— YS Sharmila (@realyssharmila) May 2, 2023
10 लाख एकड़ फसल हुई खराब
उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश से करीब 10 लाख एकड़ फसल खराब होने का अनुमान है। इतने बड़े नुकसान के बावजूद एक भी अधिकारी या विधायक किसानों के पास नहीं गया। उन्होंने कहा कि किसानों से नुकसान का जायजा तो लिया ही जा सकता था। लेकिन वे सभी 1600 करोड़ रुपये की लागत से बने नवनिर्मित सचिवालय में तस्वीरें क्लिक करने में व्यस्त हैं। यह शर्म की बात है कि किसानों को उच्च ब्याज पर ऋण लेना पड़ा और फसलों के लिए उन्हें आभूषण बेचने पड़े।
पिछले 9 वर्षों का नुकसान
वाईएसआरटीपी नेता ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में फसल नुकसान 14,000 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान लगाया गया है, लेकिन इस लापरवाह सरकार के पास फसल बीमा जैसी कोई सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब कोई फसल बीमा नहीं है, तो कम से कम सरकार को मुआवजा तो देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुआवजे के रूप में कम से कम 30,000 रुपये प्रति एकड़ का भुगतान करें।