फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   You will be surprised to know why sudden deaths due to heart attack are happening! 300 doctors doing research

Heart attack: क्यों हो रहीं हार्ट अटैक से अचानक मौतें जानकर हो जाएंगे हैरान! 300 डॉक्टर कर रहे शोध

Thu, 27 Jul 2023 02:37 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Thu, 27 Jul 2023 02:37 PM IST
विज्ञापन
सार
Heart attack: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में अचानक सामने आ रही लोगों की हार्ट अटैक से होने वाली मौत पर सघन शोध करने के लिए आईसीएमआर को जिम्मेदारी दी है। इस शोध में 18 से 45 साल की उम्र के लोगों की हुई अचानक मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है...
loader
You will be surprised to know why sudden deaths due to heart attack are happening! 300 doctors doing research
Heart attack - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

कोविड के बाद अचानक हार्ट अटैक से हो रही मौतों की वास्तविक वजह क्या कोरोना ही है या कोई और खास कारण। इसको लेकर देश के अलग-अलग राज्यों के 70 प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शोध शुरू हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आईसीएमआर को अचानक होने वाली मौत के कारणों की वजह जानने के लिए यह शोध करने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक इन अस्पतालों में तकरीबन 300 से ज्यादा प्रमुख विशेषज्ञ यह पड़ताल करने में जुटे हैं कि क्या कोविड की वजह से शरीर में कुछ ऐसे परिवर्तन हुए, जिसके चलते अचानक हार्ट अटैक की खबरें और वीडियो सामने आने लगे। आईसीएमआर से जुड़े चिकित्सकों के मुताबिक कुछ महीनों में शोध की रिपोर्ट सामने आएगी, जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपा जाएगा।

यह भी पढ़ें: क्यों हो रहीं हार्ट अटैक से अचानक मौतें जानकर हो जाएंगे हैरान, 300 डॉक्टर कर रहे शोध

इस आयु वर्ग पर ऐसे हो रहा है शोध

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में अचानक सामने आ रही लोगों की हार्ट अटैक से होने वाली मौत पर सघन शोध करने के लिए आईसीएमआर को जिम्मेदारी दी है। इस शोध में 18 से 45 साल की उम्र के लोगों की हुई अचानक मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश के 40 प्रमुख मेडिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट में तकरीबन 300 से ज्यादा विशेषज्ञ इस तरह से होने वाली मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मल्टी सेंट्रिक अध्ययन शुरू कर चुके हैं। इसी तरह दूसरे शोध में पिछले साल 18 से 45 साल की उम्र के बीच में हुई मौतों के लिए कोविड वैक्सीन के प्रभाव को समझने के लिए भी स्टडी चल रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक यह स्टडी देश के 30 अलग-अलग कोविड-19 कोविड रजिस्ट्री हॉस्पिटल्स में चल रही है।

वर्चुअल और फिजिकल डेड बॉडीज पर हो रही रिसर्च

इस शोध में शामिल आईसीएमआर के विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक हो रही मौत के कारणों को जानने के लिए तीन तरह से शोध देश के अलग-अलग प्रमुख चिकित्सा संस्थानों और कोविड रजिस्ट्री हॉस्पिटल्स में चल रही है। शोध से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में वर्चुअल और फिजिकल डेड बॉडीज के माध्यम से युवाओं में अचानक होने वाली मौत के कारणों को जानने के लिए भी एक अलग अध्ययन चल रहा है। इस शोध में शामिल विशेषज्ञों का कहना है कि 18 से 45 साल की उम्र के लोगों की मौत के बाद उनके शव को अध्ययन कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि अचानक होने वाली मौत के पीछे के असली क्या कारण हैं।

पहले भी होती रही हैं हार्ट अटैक से ऐसी मौतें

बीते कुछ वक्त में जिस तरह से लोगों के मोबाइल में अचानक हंसते-गाते, खेलते-कूदते लोगों की हार्टअटैक से होने वाली मौत के वीडियो सामने आ रहे हैं, उसे लेकर हृदय रोग विशेषज्ञों की एक अलग राय है। चंडीगढ़ पीजीआई के एडवांस कार्डियक सेंटर के प्रोफेसर डॉ रोहित मनोज कहते हैं कि अचानक हार्ट अटैक से होने वाली मौत कोई पहली बार नहीं हो रही है। वह कहते हैं कि इस तरह की वालीं अचानक मौतें पहले भी होती थीं। वह कहते हैं कि दिल की गंभीर बीमारियों में मौत का यह कॉमन कारण होता है। उनका मानना है कि यह अलग बात है कि इस वक्त लोगों के मोबाइल में इस तरीके के वीडियो पहुंच रहे हैं, तो इस पर चर्चा भी हो रही है और शोध भी शुरू हो गया है। डॉक्टर रोहित मनोज के मुताबिक शोध के नतीजे बहुत कुछ और स्पष्ट भी कर देंगे। लखनऊ किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी के पूर्व विभागाध्यक्ष और मेदांता के कार्डियोलॉजी के डायरेक्टर डॉ आरके सरन कहते हैं कि शोध करने से निश्चित तौर पर कुछ न कुछ तो निकल कर सामने आएगा। हालांकि उनका मानना है कि दिल की बीमारियों में अचानक होने वाले हार्ट अटैक की संभावनाएं सबसे ज्यादा होती हैं। वह कहते हैं कि ऐसी मौतें पहले भी होती थीं।

मानसिक तनाव बढ़ा है, इसलिए शोध के नतीजे होंगे चौंकाने वाले

दिल्ली एनसीआर के प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञ और यथार्थ हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर पंकज रंजन कहते हैं कि कोविड के बाद जिस तरीके से हार्ट अटैक के अचानक मामले बढ़े हैं वह निश्चित तौर पर शोध का विषय है। डॉ पंकज मानते हैं कि संभव है कि कोविड संक्रमण के दौरान शरीर के अन्य अंगों पर कुछ न कुछ दुष्प्रभाव पड़ा हो। क्योंकि यह संक्रमण सामान्य इन्फेक्शन नहीं था। इसलिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से किए जा रहे इस शोध में कुछ भी चौंकाने वाले परिणाम सामने आ सकते हैं। डॉक्टर पंकज कहते हैं कि जिस तरीके से कोविड के दौर में नौकरी जाने से लेकर तमाम तरह की परेशानियों की वजह से लोगों में तनाव बढ़ा है, वह शरीर के अंगों पर निश्चित तौर पर दुष्प्रभाव डालता रहा है। इसलिए आईसीएमआर की ओर से किए जाने वाले शोध से दिल की बीमारियों खासतौर से 18 से 45 साल की उम्र में होने वाली मौतों पर कुछ नई जानकारियां सामने आएंगी।

जल्द सामने आ सकते हैं शोध के नतीजे

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक इस मामले में चल रहे शोध के नतीजों को गहन अध्ययन के बाद ही आम लोगों के बीच लाया जाएगा। इसके पीछे तर्क देते हुए आईसीएमआर के विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक उनके शोध के नतीजे इस पर आधारित न हों कि अचानक हार्ट अटैक से होने वाली मौत के पीछे कोविड संक्रमण ही वजह है, तब तक इसके नतीजे जाहिर करने का कोई औचित्य नहीं है। शोध करने वाले विशेषज्ञों का भी मानना है कि हार्ट अटैक से होने वाली मौतें अचानक ही होती आई हैं। हालांकि शोध के नतीजे कब तक आएंगे, इसे लेकर आईसीएमआर से जुड़ी टीम ने कोई विशेष तारीख तो नहीं बताई, लेकिन यह जरूर कहा कि जल्द ही इसके नतीजे सामने होंगे। क्योंकि यह शोध देश के अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग चिकित्सा संस्थानों में हो रहा है और सबके अपने अपने निष्कर्ष सामने आने वाले हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed