अध्ययन में खुलासा, फेसबुक के चलते तनाव में रहेंगे आप
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जो लोग फेसबुक पर बिना आगे-पीछे सोचे दिल से उठी आवाज को व्यक्त करते हैं वे तनावमुक्त रहते हैं। एक अध्ययन में कहा गया है कि मन की बात को व्यक्त नहीं करने वाले लोग ज्यादा तनाव में और खुद को समाज से अलग-थलग महसूस कर सकते हैं।
ऑस्ट्रेलिया की तस्मानिया यूनिवर्सिटी द्वारा किए अध्ययन में फेसबुक यूजर्स की सच्ची और ऑनलाइन पर्सनैलिटी, सामाजिक कनेक्शन, मानसिक रूप से स्वस्थ होने, अवसाद और तनाव का आकलन किया गया।
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि लोग अपनी ट्रू सेल्फ को फेसबुक पर बड़ी आसानी से व्यक्त कर सकते हैं जबकि व्यक्तिगत रूप से यह काम थोड़ा मुश्किल होता है।
अध्ययन में 146 प्रतिभागी शामिल
जितना ज्यादा ‘फेसबुक सेल्फ’ और आपकी ट्रू सेल्फ में अंतर होगा उतना ज्यादा आप तनाव में रहेंगे। अक्सर पाया जाता है कि लोगों के दिल में बात कुछ और होती है और वे फेसबुक पर काफी सोच-समझकर अपने व्यक्तित्व से भी अलग हटकर विचार व्यक्त करते हैं।
इस अध्ययन में 146 प्रतिभागियों ने एक बार ट्रू सेल्फ के तौर पर भाग लिया और फिर फेसबुक सेल्फ के तौर पर शामिल हुए।
फेसबुक पर ट्रू सेल्फ व्यक्त करने वाले लोगों ने अपने बारे में सही जानकारी और भावनात्मक सामग्री पोस्ट की। इसने दूसरे लोगों का भी ध्यान अपनी ओर खींचा।