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गरीबों के खाते से काले धन को नहीं लगा पाएंगे ठिकाने
शिशिर चौरसिया/ नई दिल्ली
Updated Thu, 10 Nov 2016 10:12 AM IST
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500 और 1,000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने के सरकार के फैसले के बाद काले धन को ठिकाने लगाने के लिए यदि कोई व्यक्ति किसी गरीब या निम्न मध्यम वर्ग के व्यक्ति के बैंक खाते का इस्तेमाल करता है तो वह आयकर विभाग के शिकंजे से बच नहीं पाएगा। सरकार ने ऐसी पुख्ता व्यवस्था तैयार की है, जिसमें किसी भी बैंक खाते में असामान्य ट्रांजेक्शन होते ही वह तुरंत आयकर विभाग के रडार पर आ जाएगा। यही नहीं, विशेष मामलों पर वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) की भी नजर रहेगी। साथ ही जन-धन योजना के तहत खुलवाए गए खातों पर भी विशेष नजर रहेगी।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बड़े बैंक खातों पर तो आयकर विभाग की पहले से ही नजर थी, लेकिन अब छोटी रकम वाले खातों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। उन्होंने आशंका जतायी कि समाज के प्रभावशाली वर्ग अपने काले धन के रूप में छुपाई गई राशि को बदलने के लिए गरीब लोगों के बैंक खाते का उपयोग कर सकते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि रिजर्व बैंक ने कहा है कि किसी बैंक खाते में असीमित मात्रा में 500 और 1,000 रुपये के नोट जमा कराये जा सकते हैं। लेकिन इस प्रक्रिया में कोई काले धन को सफेद न कर ले, इसका भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। उनके मुताबिक, किसी बैंक खाते में यदि अब असामान्य रूप से रकम जमा होती है, तो विभाग उस पर तुरंत सक्रिय हो जाएगा। वित्त मंत्री, अरुण जेटली ने भी बचत खाते के ट्रांजेक्शन पर विशेष नजर रखने की बात की पुष्टि की है।
अचानक हजारों-लाखों की रकम जमा होने पर शक लाजिमी
जन धन योजना के तहत खुले खातों के बारे में अधिकारी ने बताया कि इन खातों पर तो विशेष नजर रहेगी। इस योजना के तहत लाखों खाते ऐसे हैं, जिनमें अभी तक एक या दो रुपये जमा किये गए हैं। इन खातों में यदि अचानक हजारों-लाखों रुपये की रकम जमा होने लगे, तो शक होना लाजिमी है। जिनके खाते में पहले हजारों रुपये का ट्रांजेक्शन होता था, वहां अब लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन होने लगे तो भी विभागीय अधिकारी सक्रिय हो जाएंगे।
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काले धन मामले में कारगर साबित होगा यह कदम
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष, सुशील चंद्रा ने भी कहा है कि विभागीय अधिकारी किसी भी बैंक में संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर नजर बनाये हुए हैं। उनका कहना है कि सरकार का यह कदम काले धन की समस्या पर अंकुश लगाने में काफी हद तक कामयाब होगा। इस कार्य के लिए बैंकों, आयकर विभाग के कार्यालयों और एफआईयू के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
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वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बड़े बैंक खातों पर तो आयकर विभाग की पहले से ही नजर थी, लेकिन अब छोटी रकम वाले खातों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। उन्होंने आशंका जतायी कि समाज के प्रभावशाली वर्ग अपने काले धन के रूप में छुपाई गई राशि को बदलने के लिए गरीब लोगों के बैंक खाते का उपयोग कर सकते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि रिजर्व बैंक ने कहा है कि किसी बैंक खाते में असीमित मात्रा में 500 और 1,000 रुपये के नोट जमा कराये जा सकते हैं। लेकिन इस प्रक्रिया में कोई काले धन को सफेद न कर ले, इसका भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। उनके मुताबिक, किसी बैंक खाते में यदि अब असामान्य रूप से रकम जमा होती है, तो विभाग उस पर तुरंत सक्रिय हो जाएगा। वित्त मंत्री, अरुण जेटली ने भी बचत खाते के ट्रांजेक्शन पर विशेष नजर रखने की बात की पुष्टि की है।
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अचानक हजारों-लाखों की रकम जमा होने पर शक लाजिमी
जन धन योजना के तहत खुले खातों के बारे में अधिकारी ने बताया कि इन खातों पर तो विशेष नजर रहेगी। इस योजना के तहत लाखों खाते ऐसे हैं, जिनमें अभी तक एक या दो रुपये जमा किये गए हैं। इन खातों में यदि अचानक हजारों-लाखों रुपये की रकम जमा होने लगे, तो शक होना लाजिमी है। जिनके खाते में पहले हजारों रुपये का ट्रांजेक्शन होता था, वहां अब लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन होने लगे तो भी विभागीय अधिकारी सक्रिय हो जाएंगे।
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काले धन मामले में कारगर साबित होगा यह कदम
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष, सुशील चंद्रा ने भी कहा है कि विभागीय अधिकारी किसी भी बैंक में संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर नजर बनाये हुए हैं। उनका कहना है कि सरकार का यह कदम काले धन की समस्या पर अंकुश लगाने में काफी हद तक कामयाब होगा। इस कार्य के लिए बैंकों, आयकर विभाग के कार्यालयों और एफआईयू के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।