{"_id":"5e202b7a8ebc3e4b5703acd6","slug":"yogita-bhayana-writes-smriti-irani-demand-to-declare-execution-of-convicts-of-nirbhaya","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्भया मामला: दोषियों की फांसी को लेकर एनजीओ ने की ये मांग, ईरानी को लिखा पत्र","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
निर्भया मामला: दोषियों की फांसी को लेकर एनजीओ ने की ये मांग, ईरानी को लिखा पत्र
Thu, 16 Jan 2020 02:53 PM IST
Sneha Baluni
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Thu, 16 Jan 2020 02:53 PM IST
विज्ञापन
निर्भया के आरोपी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
योगिता भयाना जो गैर सरकारी संगठन परी (पीपुल्स आर्काइव ऑफ रूरल इंडिया) ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र लिखा है। उन्होंने 2012 के दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म मामले के दोषियों को फांसी की सजा के दिन को 'दुष्कर्म रोकथाम दिवस' घोषित करने की मांग की है।
विज्ञापन
Yogita Bhayana, Founder of NGO PARI ((People Against Rapes in India)) writes a letter to Union Minister Smriti Irani, demanding to declare the day of execution of convicts of 2012 Delhi gang-rape case as the 'Rape Prevention Day'.
— ANI (@ANI) January 16, 2020
विज्ञापन
इससे पहले योगिता ने ट्विटर पर लिखा, 'भारत दुनिया की नजर में बलात्कारियों का देश ना बन जाए, इसलिए ये जरूरी है कि निर्भया के दरिंदो की फांसी को लाइव टीवी में दिखाकर बलात्कार की मंशा रखने वालों को एक कड़ा संदेश दिया जाए। प्रकाश जावड़ेकर जी समय आ गया हैं कि इस ऐतिहासिक क्षण को मीडिया में लाइव दिखाकर इतिहास रचा जाए।'
विज्ञापन
कुछ दिन पहले निर्भया के चारों दोषियों को फांसी देने की मांग को लेकर कुछ महिलाओं ने हाथों में रस्सी लेकर तिहाड़ जेल के बाहर प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन की अगुवाई सामाजिक कार्यकर्ता योगिता ने की थी। इस दौरान भयाना ने कहा था कि वह खुद निर्भया के दोषियों को फांसी देना चाहती हैं और इस संबंध में उन्होंने तिहाड़ के डीजी को पत्र सौंपा था।
पत्र में योगिता ने लिखा था, 'निर्भया के दोषियों को मैं खुद फांसी देना चाहती हूं। जिससे की समाज में यह संदेश जाए कि महिला भी फांसी दे सकती है। यदि मैं उन दरिंदों को अपने हाथों से सजा देती हूं तो मेरी पीड़ा कम होगी। मांने उस बच्ची को और उसके परिवार के दर्द को देखा हं। यदि मुझे मौका मिलता है तो य.ह निर्भया के प्रति मेरी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।'