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कार्रवाई: योगेंद्र यादव संयुक्त किसान मोर्चा से निलंबित, भाजपा कार्यकर्ता की मौत पर शोक जताने की मिली सजा

Thu, 21 Oct 2021 11:29 PM IST
Amit Mandal अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Thu, 21 Oct 2021 11:29 PM IST
सार

सिंघु बॉर्डर पर गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेताओं ने एक लंबी मैराथन बैठक की जिसमें योगेंद्र यादव पर कार्रवाई का फैसला लिया गया। 

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Yogendra Yadav suspended from Sanyukta Kisan Morcha
योगेंद्र यादव - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

संयुक्त किसान मोर्चा ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने दिग्गज साथी योगेंद्र यादव को संगठन से एक महीने के लिए निलंबित कर दिया। इस दौरान वे संयुक्त किसान मोर्चा की किसी भी गतिविधि या बैठक में भाग नहीं लें सकेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने उन्हें यह सजा उनके द्वारा लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं की मृत्यु पर ‘शोक’ प्रकट करने के कारण दी है। योगेंद्र यादव ने अपने कृत्य पर माफी मांगते हुए इस दंड को स्वीकार कर लिया है। वे बाद में अपने कृत्य पर सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांगेंगे।

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सिंघु बॉर्डर पर गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेताओं ने एक लंबी मैराथन बैठक की। इस बैठक में कई अन्य बिंदुओं के साथ-साथ योगेंद्र यादव के मामले पर भी चर्चा हुई। इस बैठक में शामिल योगेंद्र यादव ने किसान नेताओं के सामने अपने कृत्य के लिए क्षमा मांगी और भविष्य में इस तरह की किसी भी हरकत से दूर रहने का आश्वासन भी दिया।
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जानिए क्या था मामला
सिंधु बॉर्डर पर गुरुवार को हुई किसानों की बैठक के बाद डॉक्टर अशोक धवले ने अमर उजाला से कहा कि योगेंद्र यादव का निष्कासन एक अनुशासनात्मक प्रक्रिया है। लखीमपुर खीरी में मारे गए किसान नेताओं के घर पर 12 अक्टूबर को जब अरदास का कार्यक्रम रखा गया था, तब वापसी के समय योगेंद्र यादव इसी घटना के दौरान मारे गए भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के घर पर भी चले गए थे। उन्होंने मृतक के परिवार से मुलाकात कर मानवीय आधार पर परिवार से अपनी अपनी संवेदना प्रकट की थी।
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लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा के पंजाब से जुड़े किसान संगठनों और किसान नेताओं ने योगेंद्र यादव के इस कृत्य को आपत्तिजनक बताया। बैठक में इन किसान नेताओं ने कहा कि जिन भाजपा नेताओं के कारण उनके किसान साथियों और एक पत्रकार की मौत हुई है, उनके घर जाकर शोक प्रकट करना मृतक किसानों और उनके परिवार के लोगों की भावनाओं की दृष्टि से उचित नहीं था। किसान नेताओं ने कहा कि योगेंद्र यादव को भाजपा नेताओं के घर नहीं जाना चाहिए था और उन्हें अपनी गलती के लिए सबसे माफ़ी मांगनी चाहिए।

सार्वजनिक तौर पर भी मांगेंगे माफी 
डॉक्टर अशोक धवले ने कहा कि योगेंद्र यादव ने किसानों के सामने अपनी गलती को स्वीकार किया और कहा कि वे अपनी गलती स्वीकार करते हैं और सभी को इस बात के लिए आश्वस्त भी करते हैं कि भविष्य में इस तरह की कोई गलती नहीं होगी। वे बाद में इस पर सार्वजनिक तौर पर बयान जारी कर माफ़ी भी मांगेंगे।


योगेंद्र यादव संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख सूत्रधारों में से एक रहे हैं। 26 नवंबर 2020 से शुरू हुए इस आंदोलन की एक-एक रणनीति पर मंथन करने और उसे अंतिम रूप देने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। यही कारण है कि आज उनके निलंबन की कार्रवाई को किसान मोर्चे में एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। 

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