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दुनिया की सबसे बड़ी कालेश्वरम गोदावरी लिफ्ट सिंचाई परियोजना तैयार, 21 जून को होगा उद्घाटन
Mon, 17 Jun 2019 01:55 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 17 Jun 2019 01:55 AM IST
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इंजीनियरिंग का बेमिसाल नूमना मानी जाने वाली तेलंगाना में दुनिया की सबसे बड़ी कालेश्वरम गोदावरी लिफ्ट सिंचाई परियोजना तैयार हो गई है। इस परियोजना का उद्घाटन तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र के सीएम के चंद्रशेखर राव, जगनमोहन रेड्डी और देवेंद्र फडणवीस 21 जून करेंगे। इससे तेलंगाना के 13 जिलों के 18 लाख एकड़ जमीन की सिंचाई के अलावा राज्य का पेयजल संकट दूर हो जाएगा। जबकि महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के कई जिलों का भी जलसंकट दूर होगा।
परियोजना मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमईआईएल) और भेल के सहयोग से 82000 करोड़ रुपये की लागत से महज तीन साल में तैयार हुई है। एमईआईएल के निदेशक श्रीनिवास रेड्डी के मुताबिक तेलंगाना में गोदावरी सहित कई नदियों के होने के बावजूद इसके जल का लाभ नहीं मिला पाता था। कारण गोदावरी नहीं समुद्र तल से सौ मीटर ऊपर बहती है तो तेलंगाना गोदावरी से करीब 650 मीटर ऊपर स्थित है।
इस कारण तेलंगाना के किसान लगातार सूखे का सामना कर आत्महत्या की राह चुनते थे। इसके निदान के लिए गोदावरी नदी के पानी को लिफ्ट करने की योजना बनी। इसके लिए सतह से 330 मीटर नीचे 139 मेगावाट की क्षमता वाले दुनिया का सबसे बड़ा पंपिंग स्टेशन बनाया गया। इसके जरिये गोदावरी के पानी को पंप के उपयोग से प्रतिदिन 13 टीएमसी पानी को दुनिया की सबसे लंबी 14.09 किलोमीटर की सुरंग के जरिये मेडिगड्डा बैराज पहुंचाया जाएगा। यहां से नहरों के जरिए इसे विभिन्न सूखाग्रस्त इलाकों और शहरों को पानी भेजा जाएगा। इस परियोजना के तहत 13 जिलों में 145 टीएमसी क्षमता वाले 20 जलाशयों की खुदाई की गई है। इन्हें सुरंगों केनेटवर्क से जोड़ा गया है।
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परियोजना मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमईआईएल) और भेल के सहयोग से 82000 करोड़ रुपये की लागत से महज तीन साल में तैयार हुई है। एमईआईएल के निदेशक श्रीनिवास रेड्डी के मुताबिक तेलंगाना में गोदावरी सहित कई नदियों के होने के बावजूद इसके जल का लाभ नहीं मिला पाता था। कारण गोदावरी नहीं समुद्र तल से सौ मीटर ऊपर बहती है तो तेलंगाना गोदावरी से करीब 650 मीटर ऊपर स्थित है।
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इस कारण तेलंगाना के किसान लगातार सूखे का सामना कर आत्महत्या की राह चुनते थे। इसके निदान के लिए गोदावरी नदी के पानी को लिफ्ट करने की योजना बनी। इसके लिए सतह से 330 मीटर नीचे 139 मेगावाट की क्षमता वाले दुनिया का सबसे बड़ा पंपिंग स्टेशन बनाया गया। इसके जरिये गोदावरी के पानी को पंप के उपयोग से प्रतिदिन 13 टीएमसी पानी को दुनिया की सबसे लंबी 14.09 किलोमीटर की सुरंग के जरिये मेडिगड्डा बैराज पहुंचाया जाएगा। यहां से नहरों के जरिए इसे विभिन्न सूखाग्रस्त इलाकों और शहरों को पानी भेजा जाएगा। इस परियोजना के तहत 13 जिलों में 145 टीएमसी क्षमता वाले 20 जलाशयों की खुदाई की गई है। इन्हें सुरंगों केनेटवर्क से जोड़ा गया है।
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