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विश्व तम्बाकू निषेध दिवस: कोरोना से ज्यादा जानलेवा है तंबाकू, कोविड काल में ही ली 20 लाख लोगों की जान

Mon, 31 May 2021 02:40 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 31 May 2021 02:40 PM IST
सार

WHO के एक आंकड़े के अनुसार दुनिया में 60 लाख तो देश में 13.5 लाख लोग हर साल तंबाकू उपयोग के कारण गंवा देते हैं जान, अगर सही सलाह मिले तो 80 फीसदी लोग छोड़ सकते हैं तंबाकू...  

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World No Tobacco Day 2021: Tobacco is more deadly than Coronavirus, took 20 lakh lives in the World No Tobacco Day 2021: Tobacco is more deadly than Coronavirus, took 20 lakh lives in the pandemic
तंबाकू उत्पाद - फोटो : For Refernce Only

विस्तार

देश में कोरोना संक्रमण शुरू हुए डेढ़ साल का समय बीत चुका है। इस दौरान कोरोना संक्रमण से 3 लाख 29 हजार 128 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन शायद आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसी काल में कोरोना से छह गुना से ज्यादा लोगों की जान तंबाकू उत्पादों के उपयोग के कारण हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अनुमान के अनुसार तंबाकू के कारण प्रति वर्ष दुनिया में 60 लाख और हिन्दुस्तान में 13.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है। इस आंकड़े के अनुसार इसी कोरोना काल में 20 लाख से ज्यादा लोगों की मौत तंबाकू के कारण हो चुकी है, जिसके बारे में देश-समाज में बहुत कम जागरूकता है।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अगर तंबाकू उत्पादों का उपयोग करने वाले लोगों को सही चिकित्सकों से परामर्श मिल जाए तो इनमें से 80 फीसदी लोग आसानी से तंबाकू का इस्तेमाल छोड़ सकते हैं। इसी आंकड़े के आलोक में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वर्ष तंबाकू निषेध दिवस की थीम ‘तंबाकू छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध’ रखा है।

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भारत के संदर्भ में दुखद तथ्य यह है कि वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण (Global Adult Tobacco Survey-GATS) रिपोर्ट के अनुसार देश में 28 फीसदी वयस्क और देश की राजधानी दिल्ली में 17 फीसदी वयस्क किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। महिलाओं और बच्चों में तंबाकू उपयोग का बढ़ता चलन बेहद चिंता की बात बन चुकी है।

लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) 31 मई को प्रत्येक वर्ष ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ के रूप में मनाता है। दिल्ली में राज्य तंबाकू नियंत्रण सेल (Cigarette and Other Tobacco Products Act-2003) के अंतर्गत तंबाकू उपयोग को रोकने का काम करती है। दिल्ली सरकार का दावा है कि उसके प्रयासों से राजधानी के 2146 स्कूलों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक लगी है। इससे बच्चों में तंबाकू उपयोग को घटाने में काफी मदद मिली है।
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तंबाकू सेवन से क्यों ज्यादा तेज फैलता है कोरोना

राज्य तंबाकू नियंत्रण अधिकारी डॉक्टर बीएस चारण के अनुसार तंबाकू का उपयोग सीधे तौर पर व्यक्ति के फेफड़ों की क्षमता कमजोर करता है। सिगरेट का धुआं स्वच्छ वायु से फेफड़ों की ऑक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित करता है। कोरोना का असर भी सबसे ज्यादा फेफड़ों पर ही होता है, लिहाजा तंबाकू उपयोगकर्ताओं के लिए यह दोहरा आक्रमण होता है। इन्हें ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत पड़ सकती है और संक्रमण के बाद मृत्यु होने की संभावना भी बढ़ जाती है।    

कोरोना के जो रोगी तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं, उनकी कोरोना के कारण मौत होने की संभावना अन्य रोगियों की तुलना में 50 फीसदी ज्यादा होती है।   

संक्रमण फैलाने के प्रमुख वाहक

अब तक यह साबित हो चुका है है कि कोरोना सबसे ज्यादा हवा में एयर ड्रापलेट्स के जरिये ही फैलता है। इसलिए जब सिगरेट पीने वाला कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति हवा में धुआं छोड़ता है, या तंबाकू खाकर थूकता है, तब इसके साथ वायरस के हवा में फैलने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे व्यक्ति सामान्य रोगियों कि तुलना में कई गुना अधिक संक्रमण फैला सकते हैं।

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