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विश्व कैंसर दिवस: तंबाकू नियंत्रण से कैंसर मरीजों की संख्या होगी आधी

Sat, 04 Feb 2017 05:08 AM IST
पवन कुमार/ नई दिल्ली
पवन कुमार/ नई दिल्ली Updated Sat, 04 Feb 2017 05:08 AM IST
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World Cancer Day: Control on tobacco will decrease patients

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के आंकड़ों के मुताबिक प्रति वर्ष देश में 14 लाख से अधिक कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं। इसमें से करीब 45 फीसदी पुरुष मरीजों में कैंसर की वजह धूम्रपान और तंबाकू को बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि धूम्रपान और तंबाकू के सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाए तो देश में कुल पुरुष कैंसर मरीजों की आधी संख्या इस खतरनाक बीमारी की चपेट में आने से बच जाएगी।

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धूम्रपान और तंबाकू की वजह से सिर्फ मुंह और गले के अलावा गर्भाशय, लिवर, किडनी, मलाशय, ब्लड, पेट, भोजन नली, थैली, अग्नाशय सहित कुछ अन्य तरह के कैंसर हो रहे हैं। पुरुषों में होने वाले 45 फीसदी कैंसर की वजह धूम्रपान को बताया जा रहा है, जबकि 17 फीसदी महिलाओं में कैंसर की वजह धूम्रपान बन रहा है। 80 फीसदी मुंह के कैंसर के लिए सीधे तौर पर तंबाकू और धूम्रपान जिम्मेदार है।
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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च के निदेशक डॉ. प्रो. रवि मेहरोत्रा का कहना है कि सिर्फ तंबाकू और धूम्रपान पर नियंत्रण करके कैंसर मरीजों की संख्या आधी की जा सकती है। धूम्रपान और तंबाकू के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए बनाए गए नियम-कानून को सख्ती से लागू किया जाना जरूरी है। 35 से 70 वर्ष के लोग कैंसर से सबसे ज्यादा पीड़ित हो रहे हैं। वर्ष 2011 में सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक तंबाकू और धूम्रपान से होने वाली बीमारियों पर सलाना 1,04,500 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, जिसमें 16 फीसदी सीधे तौर पर और 84 फीसदी अप्रत्यक्ष तौर पर खर्च हो रहा है।

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स्क्रीनिंग कार्यक्रम

World Cancer Day: Control on tobacco will decrease patients
डॉ. मेहरोत्रा ने बताया कि स्तन, गर्भाशय और मुंह के कैंसर का शुरुआती दौर में पता लगाने के लिए प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। इसके लिए चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बीमारी की पहचान के लिए 100 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की जा रही है। इसके अलावा पहचान के बाद मरीजों के इलाज के लिए देशभर के 96 कैंसर संस्थानों का एक राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड तैयार किया गया है। मरीजों की सुविधा के लिए सभी 96 सेंटर को एक-दूसरे से जोड़ा गया है।

पुरुषों और महिलाओं में कैंसर
- पुरुषों में मुंह, फेफड़ा, पेट, मलाशय और गले के कैंसर प्रमुख है, जबकि महिलाओं में स्तन, गर्भाशय, मलाशय, बच्चेदानी के मुंह के कैंसर प्रमुख हैं।
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