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Nagaland : मणिपुर हिंसा के विरोध में नगालैंड की सड़कों पर उतरे लोग, पीड़ित महिलाओं के लिए की न्याय की मांग

Sat, 12 Aug 2023 09:03 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 12 Aug 2023 09:03 PM IST
सार

मणिपुर में हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए नगालैंड में कई महिला आदिवासी संगठनों ने विरोध किया और रैली आयोजित कर मणिपुर की निर्वस्त्र महिलाओं के लिए न्याय की मांग की।

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women in Nagaland demand peace and justice for disrobed women in Manipur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

मणिपुर में हिंसा के खिलाफ नगालैंड में कई महिला आदिवासी संगठनों ने प्रदर्शन किया और रैली आयोजित कर महिलाओं से बर्बरता के मामले में पीड़िताओं के लिए न्याय की मांग की। उन्होंने दोषियों को कड़ी-कड़ी से सजा देने के साथ-साथ मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप का आह्वान किया।

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महिलाओं के हाथों में बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था कि हम महिलाओं से बर्बरता और सामूहिक दुष्कर्म की निंदा करते हैं। कुछ तख्तियों पर लिखा था कि महिला अधिकारों के लिए खड़े हों, हिंसा बंद करो, हम मणिपुर में शांति चाहते हैं', दुष्कर्म मत करो, एक दंडनीय अपराध है और 'कोई दया नहीं, बलात्कारियों को फांसी दो'। उन्होंने मणिपुर में लोगों की हत्या, घरों और धार्मिक स्थलों को जलाने की निंदा की।
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पीएचक्यू जंक्शन पर एकत्र हुए महिला संगठन नागालैंड के अंगामी, एओ, चाखेसांग, लोथा, पोचुरी, रेंगमा, सेमा और ज़ेलियांग जनजातियों से थे और उन्हें सेंट्रल नागालैंड महिला एसोसिएशन (सीएनडब्ल्यूए) का समर्थन प्राप्त था।
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सीएनडब्ल्यूए की अध्यक्ष अटोली सेमा ने ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मोमबत्ती रैली या सजा से बलात्कार रोकने में मदद नहीं मिलेगी। दुष्कर्मियों को दंडित करने के लिए एक सख्त नियम होना चाहिए। उन्हें मार दिया जाना चाहिए, फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए या जिंदा जला दिया जाना चाहिए।  उनके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए जैसा वे महिलाओं के साथ कर रहे हैं। नए और सख्त नियम बनाने होंगे।

उन्होंने कहा कि समूह अन्य लोगों के साथ भी हैं जो चुपचाप दुर्व्यवहार और हिंसा झेल रहे हैं। हमें शर्म आती है कि जब (महिलाओं के खिलाफ) ऐसे जघन्य अपराध किए गए तो हम असहाय थे। हमें खेद है कि समाज ने आपको (मणिपुर की उत्पीड़ित महिलाओं को) विफल कर दिया।

स्वतंत्रता दिवस को देखते हउए असम में सुरक्षा कड़ी
उग्रवादी संगठनों उल्फा (स्वतंत्र) और एनएससीएन/जीपीआरएन ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के बहिष्कार का आह्वान किया है, जिसके चलते पूरे असम में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हम एरिया डोमिनेशन और नाका चेकिंग सहित सभी नियमित सुरक्षा उपाय कर रहे हैं। जश्न में कोई व्यवधान न हो यह सुनिश्चित करने के लिए उपायों को फुलप्रूफ बनाया जा रहा है।

उग्रवादी समूहों द्वारा बहिष्कार और बंद का आह्वान करने पर अधिकारी ने कहा कि ये संगठन ऐसे बंद का आह्वान करने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन हम कोई जोखिम नहीं उठा रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी नापाक तत्व द्वारा कोई विध्वंसक गतिविधि नहीं की जाए।


गुवाहाटी में होगा जहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे, अन्य मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों की भागीदारी के साथ राज्य भर में इसी तरह के कार्यक्रम निर्धारित हैं।

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