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#नोटबंदी 21वां दिन: RBI ने दी बड़ी राहत, खातों से अब 24 हजार से ज्यादा निकाल सकेंगे
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 29 Nov 2016 01:52 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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लोग ज्यादा से ज्यादा वैध करेंसी नोट बैंकों में जमा कर सकें इसके लिए रिजर्व बैंक ने वैध करेंसी की निकासी की सीमा बढ़ा दी है। लोग अपने डिपोजिट से अब निर्धारित सीमा से ज्यादा पैसे निकाल सकेंगे। बैंकिंग सिस्टम में करेंसी सर्कुलेशन को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया गया है। नए नियमों के मुताबिक अगर कोई 4000 के वैध करेंसी नोट ( 2000, 500, 100, 50, 20, 10 या 5 रुपये) जमा करता है तो उसकी साप्ताहिक निकासी सीमा मौजूदा 24000 रुपये से और 4000 रुपये बढ़ जाएगी। छोटे कारोबारियों के चालू खाते में साप्ताहिक निकासी सीमा 50000 रुपये होगी।
आरबीआई ने देर शाम जारी एक सर्कुलर में कहा कि ऐसी रिपोर्टें मिली हैं कि कुछ डिपोजिटर खाते से मौजूदा निकासी सीमा को देखते हुए पैसा जमा करने में हिचकिचा रहे हैं। रिजर्व बैंक ने कहा कि पैसे डिपोजिट न किए जाने से करेंसी नोटों के सर्कुलेशन पर असर पड़ रहा है। इसलिए इस मुद्दे पर सोच-विचार करने के बाद मौजूदा वैध नोटों में डिपोजिट की मौजूदा निकासी सीमा को बढ़ाने का फैसला कि या गया है। यह फैसला 26 नवंबर, 2016 और इसके बाद के लिए लागू हो गया है। इस वक्त ज्यादातर इस तरह की निकासी के लिए 2000 और 500 के नोट जारी किए जाने हैं।
गौरतलब है कि 9 नवंबर से 500 और 1000 के नोटों को वापस ले लिए जाने का फैसला लागू होते ही प्रति सप्ताह निकासी 24000 (एटीएम समेत) निर्धारित कर दी गई थी।
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आरबीआई ने निकासी से जुड़े नए फैसले के साथ ही करेंसी चेस्ट (तिजोरी) का परिचालन करने वाले बैंकों को खास बैंक नोटों (एसीबीएनएस) के लिए चेस्ट्स गारंटी स्कीम का परिचालन करने की इजाजत दे दी है। हालांकि यह नियम इन बैंकों के पास अतिरिक्त जगह उपलब्ध होने पर ही लागू होगा।
वैसे अगर उनके उसी केंद्र के मौजूदा करेंसी चेस्ट में अतिरिक्त जगह हो तो वह ऐसा कर सकते हैं। उसी सेंटर में अतिरिक्त स्टोरेज स्पेस में भी ऐसा किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि वह जगह मूल करेंसी चेस्ट जितनी ही सुरक्षित हो। आरबीआई ने रविवार को बैंकों को अतिरिक्त करेंसी जिला स्तर के करेंसी चेस्ट में रखने की इजाजत दी थी।
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आरबीआई ने देर शाम जारी एक सर्कुलर में कहा कि ऐसी रिपोर्टें मिली हैं कि कुछ डिपोजिटर खाते से मौजूदा निकासी सीमा को देखते हुए पैसा जमा करने में हिचकिचा रहे हैं। रिजर्व बैंक ने कहा कि पैसे डिपोजिट न किए जाने से करेंसी नोटों के सर्कुलेशन पर असर पड़ रहा है। इसलिए इस मुद्दे पर सोच-विचार करने के बाद मौजूदा वैध नोटों में डिपोजिट की मौजूदा निकासी सीमा को बढ़ाने का फैसला कि या गया है। यह फैसला 26 नवंबर, 2016 और इसके बाद के लिए लागू हो गया है। इस वक्त ज्यादातर इस तरह की निकासी के लिए 2000 और 500 के नोट जारी किए जाने हैं।
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गौरतलब है कि 9 नवंबर से 500 और 1000 के नोटों को वापस ले लिए जाने का फैसला लागू होते ही प्रति सप्ताह निकासी 24000 (एटीएम समेत) निर्धारित कर दी गई थी।
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आरबीआई ने निकासी से जुड़े नए फैसले के साथ ही करेंसी चेस्ट (तिजोरी) का परिचालन करने वाले बैंकों को खास बैंक नोटों (एसीबीएनएस) के लिए चेस्ट्स गारंटी स्कीम का परिचालन करने की इजाजत दे दी है। हालांकि यह नियम इन बैंकों के पास अतिरिक्त जगह उपलब्ध होने पर ही लागू होगा।
वैसे अगर उनके उसी केंद्र के मौजूदा करेंसी चेस्ट में अतिरिक्त जगह हो तो वह ऐसा कर सकते हैं। उसी सेंटर में अतिरिक्त स्टोरेज स्पेस में भी ऐसा किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि वह जगह मूल करेंसी चेस्ट जितनी ही सुरक्षित हो। आरबीआई ने रविवार को बैंकों को अतिरिक्त करेंसी जिला स्तर के करेंसी चेस्ट में रखने की इजाजत दी थी।
Withdrawals of deposits made in current legal tender can now be made beyond current limits: RBI
— ANI (@ANI_news) November 28, 2016