संसद के शीत सत्र के आखिरी दिनों में और बढ़ी सियासी गर्मी
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नोटबंदी पर संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान शुरू से विपक्ष के निशाने पर रही सरकार अब सत्र के अंतिम पड़ाव पर खुद ही बेहद आक्रामक हो गई है। बीते शुक्रवार को राष्ट्रपति की ओर से संसद चलने देने की नसीहत को मुद्दा बनाने वाली सरकार ने बुधवार को कालाधन को सफेद बनाने संबंधी स्टिंग ऑपरेशन पर विपक्ष के खिलाफ बेहद आक्रामक रही।
इस कारण बीते दिनों की तरह बुधवार को भी लोकसभा की कार्यवाही ठप रही। इस दौरान कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा स्पीकर को निशाना बनाए जाने के बाद सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने प्रधानमंत्री की उपस्थिति में सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सत्ता पक्ष के सांसदों ने कालाधन को सफेद करने संबंधी एक टीवी चैनल के स्टिंग का जिक्र करते हुए विपक्ष पर कालाधन रखने वालों से हाथ मिलाने का आरोप लगाया।
स्टिंग में कांग्रेस, बसपा, सपा के नेता बेनकाब हुए हैं
इस पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया के बीच संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि विपक्ष नोटबंदी के जरिए कालाधन, आतंकवाद, हवाला कारोबार और जाली करेंसी के खिलाफ सरकार के अभियान के खिलाफ साजिश कर रही है। कुमार ने कहा कि इस स्टिंग में कांग्रेस, बसपा, सपा के नेता बेनकाब हुए हैं। यही कारण है कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा से भाग रहा है।
शून्यकाल के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब खड़गे ने खुद के बदले बीजेडी के सांसद भर्तृहरि महताब को बोलने देने का मौका दिए जाने के स्पीकर के निर्णय पर बेहद नाराजगी भरे स्वर में सवाल उठा दिया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री बुरी तरह भड़क गए और खड़गे से माफी मांगने की मांग की।
इसी बीच विपक्षी सदस्य वेल में आ कर सरकार के खिलाफ तो सत्तारूढ़ दल के सदस्य अपनी जगह से ही विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद स्पीकर ने कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।